हरिद्वार। पांच दिन तक चले तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद ज्वालापुर मामले में गलवार को नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश की गई युवती ने अपने परिजनों के संग जाने की इच्छा जताई है। इसपर नगर मजिस्ट्रेट ने युवती को परिजनों के सुपुर्द करने के आदेश जारी किए। युवती की कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस पूरी तरह से चौकस नजर आई। कुछ ही देर में युवती अपने घर भी पहुंच गई।
तीस जून से पूरे फसाद की शुरुआत तब हुई थी जब ज्वालापुर की एक युवती गैर समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। नैनीताल से बरामद की गई युवती को पुलिस ने अगले दिन नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया था। तब युवक के पक्ष में खड़ी दिखाई दे रही युवती को नगर मजिस्ट्रेट ने नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए थे। इसके अगले दिन ही शहर का माहौल गर्मा गया था। परिजन और क्षेत्रवासी सब भड़क गए थे। दो दिन पहले कोतवाली का घेराव भी किया गया था। सोमवार रात तक शहर का माहौल कई बार बिगड़ने से बचा। सोमवार को विवेचक गीता चौधरी ने देहरादून में युवती के बयान दर्ज किए थे। इस दौरान युवती के परिजन भी मौजूद थे। मंगलवार शाम करीब चार बजे कोतवाली रुडकी के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह नेगी की अगुवाई में पुलिस की एक टीम नारी निकेतन देहरादून से युवती को हरिद्वार लाई। पुरानी कचहरी कैंपस में स्थित नगर मजिस्ट्रेट की कोर्ट में युवती को पेश किया गया। उसने नगर मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने परिजन के साथ घर जाने की इच्छा जताई। जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस ने युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस सुरक्षा के बीच ही युवती को घर ले जाया गया। नगर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि युवती की इच्छा के अनुसार उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।