हरिद्वार। अर्द्धकुंभ का सातवां नव संवत्सर का स्नान शुक्रवार को फीका रहा। इस दौरान पुलिस की ओर से यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के लिए की गई सारी तैयारियां ज्यों की त्यों ही रही। कोई नई कार्ययोजना लागू करने की जरूरत भी नहीं पड़ी। दोपहर में ही सारे घाट श्रद्धालुओं से खाली हो गए।
शुक्रवार को नव संवत्सर का स्नान पर्व था। प्रशासन को उम्मीद थी कि इस दौरान अच्छी खासी भीड़ आएगी लेकिन स्नान बेहद फीका रहा। सुबह से घाटों पर स्नान करने वालों का आवागमन तो शुरू हो गया था लेकिन अधिकतर घाट खाली ही पड़े रहे। कम ही श्रद्धालु स्नान करने के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करने के बाद गंगा मंदिर व अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना की। मेले की व्यवस्थाओं पर नियंत्रण करने के लिए सुबह से ही अधिकारी हरकी पैड़ी पर मौजूद रहे। मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन, आईजी जीएस मर्तोलिया एसएसपी जगतराम जोशी, जिलाधिकारी एचएस चुघ तथा जिले के एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने भविष्य के स्नानों के लिए बैठक कर चर्चा की। दोपहर में ही हरकी पैड़ी, सुभाषघाट, मालवीय द्वीप और आसपास के अन्य घाट श्रद्धालुओं से खाली हो गए थे। आईजी जीएस मर्तोलिया ने करीब दो लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने का दावा किया है।