हरिद्वार। कांग्रेस के बागी विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और बसपा के पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद का गठजोड़ केवल नामांकन दाखिल करने तक ही चल सका। कुंवर प्रणव अपनी पत्नी को जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनाना चाहते थेे, लेकिन देवयानी का नामांकन भी नहीं कराया जा सका। प्रणव सिंह ने शहजाद पर धोखा करने का आरोप लगाया तो शहजाद ने गिले शिकवे दूर कर दोबारा से साथ आने की बात कही।
कांग्रेस से बागी होने के बाद विधायक प्रणव सिंह चैंपियन जिला पंचायत चुनाव में बसपा के पूर्व विधायक शहजाद के साथ हो गए। वह प्रचार प्रसार में भी दोनों साथ ही घूम रहे थे। शुक्रवार को दोनों जिला कलेक्ट्रेट में साथ पहुंचे और नामांकन पत्र दाखिल करते समय कार्यालय में साथ रहे। जिला पंचायत सदस्य कुंवर रानी देवयानी ने सत्तार के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर भी किए। कुंवर प्रणव सिंह के अनुसार रानी देवयानी का उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल होना था। लेकिन बसपा ने वीरेंद्र का नामांकन पत्र दाखिल करवाया। इससे प्रणव नाराज हो गए और घंटे भर बाद ही सत्तार के नामांकन पत्र से रानी देवयानी का प्रस्ताव वापिस ले लिया। कुंवर प्रणव सिंह ने कहा बेईमानी उन्हें कतई बर्दास्त नहीं। उन्होंने कहा कि वह कहीं भी किसी पार्टी में रहे सम्मान चाहिए। उन्होंने बताया कि तय हुआ था कि वहीं पर जाकर नामांकन पत्र लिया जाएगा और जमा करा दिया जाएगा।
------------
...तो राजेंद्र चौधरी के साथ जाएंगे प्रणव
कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने इशारा किया कि वह कांग्रेस प्रत्याशी सविता को अपना समर्थन दे सकते हैं। लेकिन इसके लिए चौधरी राजेंद्र सिंह को उनके पास आना पड़ेगा। वह सम्मान के साथ उनके साथ चले जाएंगे।
----------------
गिला शिकवे दूर करेंगे: शहजाद
बसपा के पूर्व विधायक शहजाद ने कहा कि प्रणव चैंपियन से उनका कोई वादा नहीं हुआ था। हम दोनों साथ बिना किसी शर्त के आए थे। यदि उन्हें उपाध्यक्ष पद चाहिए था तो उन्होंने इसके लिए नामांकन पत्र तक नहीं खरीदा हुआ था। जो कुछ हुआ ठीक नहीं, वह आपस में बैठकर वार्ता करेंगे। उनको मनाकर कुंवर प्रणव सिंह को साथ लेकर आएंगे।
----------------------
दावा: कांग्रेस के साथ 32 और बसपा के साथ 25
हरिद्वार। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुुनाव के लिए नामांकन करने पहुंचे दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थकों ने अपने पक्ष में बहुमत होने की बात कही। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके 47 में से उनके साथ 32 सदस्य हैं। वहीं बसपा ने अपने साथ 25 सदस्य होने का दावा किया।
दोनों ही प्रत्याशियों की ओर से जीत का दावा किया गया। वहीं नामांकन करने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी सविता ने बताया कि कांग्रेस ने प्रदेश में विकास किया है। विकास का क्रम जिला पंचायत में भी जारी रहेगा। वह जीतकर आएंगी। बसपा प्रत्याशी मोहम्मद सत्तार ने कहा कि कांग्रेस विकास में बाधा बनी और जनता ने जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाया। अब अध्यक्ष चुनाव में भी वह जीतकर आएंगे और जो कार्य पिछले योजना में रुके थे उन्हें पूरा कर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।