अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सफाई श्रमिकों ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार उपेक्षित रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द मांग पूरी नहीं की तो फिर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र तेश्वर ने कहा कि कोविड महामारी के बीच अनुमति न मिलने के चलते संगठन को दिल्ली में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ठेकेदार प्रथा समाप्त करने, सफाई कर्मियों के पदों से मृत कैडर बहाल करने, सरकारी भूमि और क्वॉर्टर पर मालिकाना हक, संविदा कर्मियों का स्थायी नियुक्ति, सफाई कर्मचारियों का खेती की जमीन, बच्चों का नि:शुल्क शिक्षा आदि 17 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलनरत हैं।
प्रदेश महामंत्री राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि जिला मुख्यालयों पर स्मरण पत्र देकर केंद्र सरकार को जगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने हाथरस कांड की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की फॉस्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई और फांसी की मांग की। प्रदर्शन में अशोक तेश्वर, आत्माराम बेनिवाल, राजेश छाछर, आनन्द कांगड़ा, राजू खेरवाल, जितेंद्र तेश्वर, जुगनू कांगड़ा, सुनील राजौर, प्रवीण तेश्वर, सलेक चंद, राजेंद्र चुटेला, नरेश चनियाना, भंवर सिंह, भान पाल सिंह, संजय मूलनिवासी, वीरेंद्र श्रमिक, राजेश बादल, काजल, सुनीता, सुधीर, पिंकी बबीता, संजय पेवाल, अशोक छाछर, मुकेश ढिंगिया, मनोज टांक, राजेश खन्ना, बलराम चौटाला, कुलदीप, नीरज बागड़ी, अनुराग, संदीप बिंद्रा आदि सफाई श्रमिक शामिल रहे।