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145 दिन में 37 हजार परिवारों को देना होगा शुद्ध जल

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जिले में जल जीवन मिशन के तहत वित्तीय वर्ष के 145 दिनों में 37 हजार परिवारों को साफ पानी पहुंचाना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार जिले के लिए नए सिरे से लक्ष्य निर्धारित किया है। एक रुपये में पानी कनेक्शन की इस योजना में अब जिलाधिकारी को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करना है, ताकि महाकुंभ के साथ ही हर घर तक पानी पहुंचाने का सपना पूरा किया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही इस योजना को लेकर राज्य सरकार की पीठ थपथपा चुके हैं।
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हरिद्वार जिले में जल जीवन मिशन के तहत इस वित्त वर्ष में एक अप्रैल से लेकर 31 मार्च तक 42 हजार परिवारों को एक रुपये में शुद्ध जल का कनेक्शन उपलब्ध कराना था। कोरोना मार के चलते योजना पर उतना काम नहीं हो पाया, जितना होना चाहिए था। अब तक सिर्फ 8500 परिवारों को योजना में पानी कनेक्शन दिए जाने का दावा किया गया है। सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की सराहना से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत बेहद उत्साहित हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने नए सिरे से जल जीवन मिशन की समीक्षा कर प्रत्येक जिले में लक्ष्य को पूरा करने के कड़े निर्देश दिए है। इस लिहाज से वित्तीय वर्ष के 181 दिन बाकी बचे है। लेकिन इनमें से 36 दिनों में दशहरा, दीपावली, भैय्या दूज आदि का अवकाश है। कुल मिलाकर 145 दिनों में इस लक्ष्य को पार करने की चुनौती है। अब जिलाधिकारी सी रविशंकर को प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना है।
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यह है योजना
उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत सिर्फ एक रुपये में कनेक्शन देने की योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत नई पेयजल लाइनें डाली जानी हैं। इसमें प्रदेश के करीब एक लाख 84 हजार नए निजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखंड में 12 लाख लोगों के घरों में पानी के लिए नल नहीं है। लोगों को लंबी दूरी तय कर पानी ढोकर लाना पड़ता है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाने को 6600 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
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जल जीवन मिशन के लक्ष्य को निर्धारित करने के लिए अभियान के तरह काम करना है। इसके लिए प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया जा रहा है। हर तीसरे दिन अभियान की समीक्षा की जाएगी। जल संस्थान, पेयजल निगम और स्वजल योजना से जुड़े अधिकारी समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।
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-सी रविशंकर, जिलाधिकारी
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