हरिद्वार। द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि कांवड़ यात्रा में जिस तरह से करोड़ों श्रद्धालु शामिल हुए इससे यह बात साफ है कि सनातन धर्म सुरक्षित है।
सोमवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म पर कभी आंच नहीं आने वाली। उन्होंने कहा कि साईं वालों का उद्देश्य था कि शिवजी की पूजा के समान ही साईं की पूजा की जानी चाहिए। लेकिन एक भी कांवड़ साईं के नाम पर नहीं उठी। किसी भी कांवड़िए ने भी अपनी कांवड़ पर साईं का चित्र नहीं लगाया था। कांवड़ यात्रा के दौरान इसबार ज्यादातर शिवभक्तों के तिरंगा लेकर चलने पर उन्होंने कहा कि यह देशभक्ति का जज्बा था।
शंकराचार्य ने कहा कि राष्ट्रध्वज में अशोक चक्र ही सुदर्शन चक्र होता है। इस बार श्रावण शुक्ल षष्ठी के दिन सुदर्शन चक्र जयंती मनायी जाएगी। सुदर्शन चक्र जयंती दक्षिण भारत में मनाई जाती थी, लेकिन इस बार से उत्तर भारत में मनाई जाएगी। उन्होंने सुदर्शन महाप्रभु का प्रादुर्भाव शास्त्रों के अनुसार श्रावण शुक्ल षष्ठी के दिन हुआ है।
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बुलंदशहर घटना पर सपा सरकार को घेरा
हरिद्वार। यूपी के बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ गैंगरेप की घटना पर शंकराचार्य ने सपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शासन धार्मिक भावनाओं से चलता है। मनुष्य के मन में जब तक धार्मिक प्रवृत्ति नहीं आएगी, तब तक मनुष्य की प्रवृति नहीं बदल सकती। केवल दंड से अपराध बंद नहीं होंगे। स्कूलों में भी आस्था, धार्मिक, संस्कार शिक्षा दिलानी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे सनानत धर्म में फिरका परस्ती नहीं है, लेकिन यूपी की प्रदेश सरकार को अपना मनोभाव बदलना होगा।