धनौरी/ पिरान कलियर। कोटा मुरादनगर में गुलदार के हमले में बालक की मौत के बाद से गांवों में दहशत बनी है। ग्रामीण इतने खौफजदा हैं कि उन्होंने मंगलवार को बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। किसान और मजदूर भी खेतों में काम करने के लिए नहीं गए। क्षेत्र में वन और पार्क के कर्मियों की संयुक्त गश्त तेज करने के साथ ही छह पिंजरे लगा दिए गए हैं। ग्रामीणों को हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल की तरफ न जाएं। इस बीच मृतक बच्चे का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। गमगीन माहौल में उसके शव को देर शाम सुपुर्द-ए- खाक किया गया।
सोमवार की शाम कोटा मुरादनगर निवासी तीन बच्चे सोनू उर्फ शेर अली, फारूख और शम्मून गांव के पास ही स्थित अपने खेत से बरसीम लेने गए थे। इस दौरान गुलदार सोनू को उठा ले गया था। रात में सोनू का क्षत-विक्षत शव जंगल में पड़ा मिला था। इस क्षेत्र में पिछले एक साल से गुलदार का आतंक है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के भारी खौफ है। मंगलवार की सुबह राजाजी पार्क के निदेशक किशनचंद ने वन विभाग के खानपुर रेंजर एके ध्यानी पार्क के वन दारोगा दिनेश कुकरेती, बीट अधिकारी पंकज शर्मा आदि के साथ पहुंचकर घटना की जानकारी ली। उन्होंने गुलदार को पकड़ने के लि एक पिंजरा लगाने के आदेश दिए लेकिन इस पर ग्रामीण भड़क गए उन्होंने कहा कि एक पिंजरे से कुछ नहीं होगा इस पर उन्होंने छह पिंजरे गांव के आसपास लगाने के आदेश दिए साथ ही वनकर्मियों के साथ ही पार्क के भी 12 कर्मचारियों को दिनरात गश्त करने के आदेश दिए।