हरिद्वार। एसएमजेएन पीजी कालेज में बीए में प्रथम वर्ष में रावली महदूद निवासी छात्रा का वेटिंग में नाम आने के बावजूद प्रवेश नहीं होने पर अभिभावकों के साथ कांग्रेस नेताओं ने हंगामा काटा। आरोप है कि वहां पहुंचे कुछ लोगों ने महिला प्रोफेसर के साथ अभद्रता की। साथ ही कुछ युवकों ने कुर्सी मेज भी फेंकी। वहीं इस तरह से हुए व्यवहार पर स्टाफ ने धरना- प्रदर्शन की चेतावनी दी, तो दूसरी ओर कांग्रेसी नेताओं ने भी कालेज में धरना प्रदर्शन की धमकी दी।
एसएमजेएन पीजी कालेज में छात्रा शाहीन पुत्री इस्माइल निवासी रावली महदूद ने बीए में प्रवेश लेने को आवेदन जमा किया। छात्रा का वेटिंग मेरिट में नाम आया तो वो देरी से पहुंची। परिजनों का आरोप है कि उसे कोई सूचना नहीं दी गई। वे चार दिन से कालेज में भटक रहे है, लेकिन उसका प्रवेश नहीं किया। इस पर शनिवार को जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल के नेतृत्व में ग्रामीण कालेज पहुंचे। उन्होंने वहां हंगामा काटते हुए शोरगुल मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद स्टाफ को कक्षों से बाहर निकालते हुए तालाबंदी का प्रयास किया। इस पर कक्षाओं में रखे फर्नीचर को तोड़ना शुरू कर दिया। हंगामा होते देख प्रो. एसएस पाठक, प्रो. एसके माहेश्वरी आदि ने उनसे वार्ता की कोशिश की तो कुछ युवकों ने उनके साथ बदतमीजी शुरू कर ही। आरोप है कि महिला प्रोफेसर के साथ अभद्र भाषा में बात की। बाद में प्राचार्य कक्ष में दोनों पक्षों की वार्ता हुई, लेकिन छात्रा के प्रवेश पर कोई समाधान नहीं निकल सका। इस दौरान पुलिस भी पहुंची। शिकायत नहीं मिलने पर एसआई गजेंद्र सिंह लौट गए।
12 बजे घंटी बजाकर कर दी छुट्टी
कालेज में दोपहर को 12 बजे सभी कक्षाओं में पढ़ाई चल रही थी तो अचानक से छुट्टी की घंटी बजा दी गई। इससे कक्षाओं में पढ़ा रहे प्रोफेसर के साथ छात्र-छात्राएं भी बाहर आ गए। वहां बाहरी लोगों के हंगामा करने से कोई भी माजरा नहीं समझ सके। इससे दोपहर बाद कोई कक्षाएं संचालित नहीं हो सकी।
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फैकल्टी ने चेतावनी दी
कालेज में इस तरह से प्रोफेसरों के साथ हुई अभद्रता और अकारण हंगामा करने पर सभी फैकल्टी अव्यवस्थित हो गई। इसके बाद स्टाफ ने प्राचार्य कक्ष में बैठक की और मामले की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि इस तरह से फिर से कोई भी प्रकरण होता है तो वे धरना- प्रदर्शन करना शुरू कर देंगे।
वर्जन-
कालेज में सभी प्रवेश मेरिट और सुचिता से किए गए। प्रवेश के अंतिम तिथि तक प्रवेश किए और सीटें फुल होने पर प्रवेश बंद करा दिए। हाईकोर्ट के निर्देशों पर अतिरिक्त प्रवेश नहीं कर सकते। सभी प्रवेश की सूची कालेज की वेबसाइट पर डाउनलोड है, कोई भी देख सकते है। धरने या हंगामा करने से प्रवेश होने का समाधान नहीं निकल सकता। - प्रो. अवनीत घिल्डियाल, प्राचार्य, एसएमजेएन पीजी कालेज।