कोरोना के सैंपल घर-घर लेने के लिए यूनिक मोबाइल डायग्नोस्टिक लैब वैन के शुल्क तय हो गए हैं। मरीजों को आरटी-पीसीआर की जांच कराने के लिए 1600 रुपये और एंटीजन के लिए 719 रुपये निर्धारित किए गए हैं। लैब वैन के इसी सप्ताह में मैदान में उतरने की संभावना है।
हरिद्वार जिले में कोरोना के मरीजों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिन मोहल्लों या गली में कोरोना का मरीज आ जाता है, उसके आसपास के लोग भी दहशत में आ जाते हैं। ऐसे में सभी लोग कोरोना की जांच कराने की मांग उठाते हैं। कई बार लोग इस आशंका के चलते अस्पताल नहीं पहुंचते कि वहां पर अन्य पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आने से उन्हें पक्का कोरोना हो जाएगा।
वहीं प्राइवेट पैैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट पर लोग सवाल उठाने लगे हैं। ऐसे में हरिद्वार में आईसीएमआर की अनुबंधित यूनिक मोबाइल डायग्नोस्टिक लैब वैन को मैदान में उतारने के लिए दो अक्तूबर को देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हालांकि अभी तक लैब में होने वाली जांच के शुल्क तय नहीं होने के चलते उसे मैदान में उतारने में देरी हुई है। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि शासन ने लैब के शुल्क निर्धारित कर दिए हैं। अब शीघ्र ही मोबाइल लैब वैन धरातल पर उतर जाएगी और इच्छुक व्यक्ति लैब को घर बुलवाकर अपने सैंपल देकर जांच करावा सकेंगे।
कोविड केयर सेंटर में शीघ्र लगेगा जनरेटर
हाईकोर्ट के कोविड उपचार व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए गठित जिला मॉनीटरिंग कमेटी के अधिकारियों के निरीक्षण में सामने आई अव्यवस्थाओं को सुधारने में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लग गए हैं। मेला अस्पताल में साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त हो गई है।
दो अक्तूबर को जिला मॉनिटरिंग कमेटी के प्रतिनिधि डिप्टी कलेक्टर शैलेंद्र सिंह नेगी के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव अरुण वोरा, डीबीए के अध्यक्ष नमित शर्मा, एसीएमओ डॉ. एचडी शाक्य, एआरटीओ मनीष तिवारी ने कोविड केयर सेंटरों का निरीक्षण किया। इसमें मेला अस्पताल के शौचालयों में साफ सफाई न होने की शिकायत मरीजों ने की।
इस पर मेला अस्पताल के प्रबंधन ने साफ सफाई की व्यवस्था तो सुधार दी, लेकिन अभी अलग से शौचालयों की व्यवस्था नहीं की। वहीं, दूधाधारी चौक पर बनाए गए बाबा बर्फानी आश्रम में कोविड केयर सेंटर में जनरेटर उपलब्ध कराने के लिए सिडकुल की कंपनियों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि सीएसआर बजट से जनरेटर उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी है।