रोडवेज के रुड़की डिपो को 47 नई ई-टिकट मशीनें मिल गई है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इन मशीनों के आने से परिचालकों को टिकट बनाने और यात्रियों से ऑनलाइन भुगतान लेने में सहूलियत मिलेगी। नई मशीनों में पांच हजार एमएच की बैटरी दी गई है जबकि पुरानी मशीनें तीन हजार एमएच की बैटरी से लैस थी।
इससे नई मशीनों की बैटरी क्षमता बढ़ने के साथ ही उनके लंबे समय तक चलने की उम्मीद है अमर उजाला ने पावर बैंक के सहारे चल रही रोडवेज की ई-टिकट मशीनों को लेकर सात अक्तूबर को प्रमुखता से खबर काे प्रकाशित किया था।
रुड़की डिपो में 2022 में 45 से अधिक ई-टिकट मशीनें उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, करीब छह माह तक चलने के बाद इन मशीनों में दिक्कतें आने लगी थी। कई बार बस के बीच रास्ते में ही मशीनें बंद हो जाती थीं जिससे परिचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
इसके अलावा, ऑनलाइन भुगतान स्वीकार नहीं होने की शिकायतें भी सामने आती थीं। डिपो के अधिकारियों के अनुसार, नई ई-टिकट मशीनें आधुनिक तकनीक से लैस है। इनमें सिम कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बनी रहेगी। परिचालकों को इंटरनेट सेवा बाधित होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे बसों में टिकट बनाने की प्रक्रिया भी सुचारु रहने की उम्मीद है।
रुड़की डिपो को 47 नई ई-टिकट मशीनें मिली हैं। पुरानी मशीनों में ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करने में अक्सर परेशानी आती थी लेकिन नई मशीनों में इस समस्या को दूर किया गया है। यात्री नकद के बजाय ऑनलाइन माध्यम से टिकट का भुगतान करेंगे तो मशीन तुरंत भुगतान स्वीकार करेगी। इससे यात्रियों और परिचालकों दोनों को राहत मिलेगी।- भूपेश कुशवाहा, जीएम टेक्निकल