हरिद्वार। पूरा वेतन देने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने 15 जुलाई की आधी रात से बसों का चक्का जाम व कार्यशाला और बस अड्डे पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। इसके लिए चार यूनियनों ने संयुक्त मोर्चा का गठन किया है। इसके तहत परिवहन निगम के अधिकारियों को चेतावनी नोटिस भी दिया गया है।
उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) के चार संगठनों उत्तराखंड रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, उत्तराखंड परिवहन मजदूर संघ, एससी-एसटी श्रमिक संघ, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने मिलकर उत्तराखंड परिवहन निगम संयुक्त मोर्चा का गठन किया है। मोर्चा के बैनर तले 15 जुलाई की मध्यरात्रि से रोडवेज कर्मियों ने कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी देते हुए परिवहन निगम के अधिकारियों से कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो रोडवेज बसों के पहिए जाम हो जाएंगे। इसके साथ ही कार्यशाला में भी काम ठप हो जाएगा। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए। इसके साथ ही लंबित व अन्य देयकों की मांग, समिति, एलआईसी, ईपीएफ और ईएसआई कटौती बंद कर सभी मदों में राशि जमा करने की मांग की है। मोर्चा के सदस्य एवं एससी-एसटी श्रमिक संघ के शाखा मंत्री केपी सिंह ने बताया कि संघ से जुड़े रोडवेज कर्मचारी आंदोलन को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई की मध्यरात्रि से 16 जुलाई की मध्यरात्रि तक एक दिवसीय संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने का निर्णय प्रांत स्तर से लिया गया है। इसको लेकर एआरएम हरिद्वार को भी एक पत्र कर्मचारी संगठनों के नेताओं द्वारा दिया जाएगा।