जिलाधिकारी दीपक रावत ने निजी स्कूलों में अभिभावकों से वसूली गई रि-एडमिशन फीस वापस दिलाने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दर्ज करवानी होगी। डीएम ने हाईवे पर जाम से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को रोशनाबाद स्थित सभागार मं बुलाई गई बैठक में जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा के चलते यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा। निर्दश दिए कि लोगों को जाम से निजात मिले इसके लिए प्रभावी कदम उठाएं। इसके लिए सुनियोजित यातायात प्लान बनाने के निर्देश दिए गए। कहा कि यात्रा सीजन को देखते हुए गंगाघाटों पर जल पुलिस की तैनाती की जाए।जिलाधिकारी स्वजल परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर को 31 मई तक खुले में शौच से मुक्त करना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिले में बचे 16337 शौचालयों का निर्माण इस अवधि में कर लिया जाए।
आपदा नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ चैकियां 24 घंटे सक्रिय करने की हिदायत दी। उन्होंने आईआरएस सिस्टम तहसील स्तर पर भी विकसित करने को कहा। अमृत योजना के तहत पार्कों के सुंदरीकरण के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों को 10 दिनों के अंदर सड़कों के गड्ढों का भरने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जो अभिभावक सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत अपने बच्चों का एडमिशन कक्षा एक में कराना चाहते हैं वे उपशिक्षा अधिकारी से संपर्क कर आवेदन करने के साथ ही प्राप्ति रसीद जरूर ले लें। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों से सिक्योरिटी या रिएडमिशन फीस ली गई है उनके अभिभावक फीस वापसी के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं ऐसी फीस वापस कराई जाएगी।
बैठक में एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, अपर जिलाधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी, रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, एसपी सिटी प्रमेंद्र डोभाल, एसपी ग्रामीण मणिकांत मिश्रा, एमएनए अशोक पांडे, एसडीएम भगवानपुर अनिल गर्ब्याल, एसडीएम लक्सर कौस्तुभ मिश्रा, डीडीओ पुष्पेंद्र चौहान, डीएफओ एचके सिंह, एआरटीओ मनीष कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी पुष्पारानी वर्मा, आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा और कई अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।