बहादराबाद। पूर्व प्रधान अनिल यादव की हत्या अवैध संबंध के चलते की गई थी। बहादराबाद पुलिस और एसओजी ने संयुक्त रुप से हत्याकांड का पटाक्षेप करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड को अंजाम देने में प्रयुक्त असलहा, स्कूटर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। बहादराबाद थाने में एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने पूर्व प्रधान हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी।
एसएसपी ने बताया कि चार मई को सिडकुल आईपी फोर, बेगमपुर में गांव सुल्तानपुर मजरी के पूर्व प्रधान अनिल यादव पुत्र सुरेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। उसका शव खेत में मिला था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आईपी फोर में ही ढाबा चलाने वाले ब्रजेश चौधरी का नाम सामने आया तब से ही पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई थी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने पिरान कलियर मोड़ के पास पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ढाबा स्वामी ब्रजेश चौधरी को पकड़ लिया।
पूछताछ में ढाबा स्वामी ने कबूला कि पूर्व प्रधान का उसके ढाबे पर आना जाना था और इसी दौरान उसकी पत्नी से उसके अवैध संबंध स्थापित हो गए।
इसी दौरान पूर्व प्रधान ने भूखंड दिलवाने के नाम पर तीन लाख की रकम भी ले ली और भूखंड भी नहीं दिलवाया। बकौल एसएसपी की कई बार मांगने पर भी रकम वापस नहीं लौटाई गई और पूर्व प्रधान ने विरोध के बावजूद भी उसकी पत्नी से मिलना नहीं छोड़ा। बताया कि आरोपी ने ढाबा बंद कर अपनी पत्नी को वेस्ट यूपी में अपने गांव भेज दिया और खुद एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा। पत्नी से अवैध संबंध का विरोध करने भी जब वो नहीं माना तब ढाबा स्वामी ने हत्याकांड को अंजाम देने की ठान ली। सुनियोजित तरीके से उसने वारदात को अंजाम दे डाला और फिर फरार हो गया। पुलिस कप्तान ने बताया कि ब्रजेश कुमार चौधरी पुत्र गिरिराज सिंह निवासी ग्राम नूरपुर नगलिया थाना शिकारपुर जिला बुलंदशहर उत्तर प्रदेश एवं हाल निवासी गणपति फार्म हाउस बहादराबाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दौरान एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर, सीओ राजीव मोहन, एसओ महेश जोशी मौजूद रहे।
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पुलिस पार्टी को मिला इनाम
हरिद्वार। एसएसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस टीम में शामिल एसओ महेश जोशी, एसओजी प्रभारी नरेंद्र बिष्ट, एसआई दिलबर सिंह कंडारी, एसआई प्रदीप रावत, हेड कांस्टेबल सुंदरलाल, कांस्टेबल राजीव कुमार, प्रेम सिंह, सतीश भट्ट, शशिकांत, हरवीर, उमेश, नरेंद्र, पदम को ढाई हजार का इनाम देने की घोषणा की है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर ने भी पुलिस पार्टी को 5100 का इनाम देने की घोषणा की है।
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पूर्व एसओ ने ही खोल दिया था केस
हरिद्वार। हत्याकांड के चंद घंटों में ही तत्कालीन एसओ प्रदीप बिष्ट ने अपनी पड़ताल में पूरे मामले की थाह ले ली थी। दरअसल, पूर्व प्रधान के पास पांच मोबाइल फोन नंबर थे। जब पुलिस ने इन सभी मोबाइल फोन नंबरों को खंगाला था तब पूरे मामले की तस्वीर साफ हो गई थी। तत्कालीन एसओ आरोपी की धरपकड़ को वेस्ट यूपी में डेरा डाले हुए थे तभी उन्हें तबादले की सूचना मिलने पर वापस लौटना पड़ा था। यही वजह रही कि हत्याकांड के खुलासे में कुछ वक्त लग गया। लेकिन उसका लाभ मौजूदा एसओ महेश जोशी को मिला।