चेतन ज्योति आश्रम में राज्य महिला कांग्रेस के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन बतौर मुख्यातिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता कम शिक्षक ज्यादा नजर आए। उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती और चुनाव जीतने के गुर सिखाए।
मंगलवार दोपहर करीब 12.30 बजे मुख्यमंत्री चेतन ज्योति आश्रम पहुंचे। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उसके बाद संबोधन में मुख्यमंत्री ने सधे शिक्षक की भांति कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच कैसे पैठ बनाई जाए टिप्स दिए। कहा कि महिलाएं जिस तरह परिवार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं ऐसे ही वह संगठन में भी वह लोगों को जोड़ने का काम कर सकती है। ऐसे बहुत से लोग होंगे जो किसी न किसी कारण से कांग्रेस से नाराज होंगे, लेकिन उन्हें मनाया जा सकता है। हो सकता है एक-दो बार वह हमारी बातों को गंभीरता से न ले, लेकिन जब पास बैठेंगे तो कुछ न कुछ लाभ जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीधे तौर पर 22 लाख महिलाओं को कल्याणकारी योजनाओं के जरिये लाभान्वित किया है। यदि उनसे संवाद किया जाए तो उन्हें अपने साथ जोड़ा जा सकता है।
इस दौरान महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शोभना शाह, राष्ट्रीय सचिव अनुपमा रावत, प्रदेश प्रभारी डॉ. संतोष चौहान, अल्पसंख्यक महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नजमा, विधि प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रुति जोशी, कमलेश रमन, मधु सेमवाल, खष्टी बिष्ट, बाला शर्मा, किरण सिंह विमला पांडे, कहकशां खान, रश्मि चौधरी, बीना कपूर, सुभद्रा आर्य, सुमन अग्रवाल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहीं। चेतन ज्योति पीठाधीश्वर स्वामी ऋषिश्वरानंद, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल बह्मचारी, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, धर्मेंद्र अंबुवाला, दर्जा राज्यमंत्री संजय पालीवाल, नईम अख्तर कुरैशी, पुरुषोत्तम शर्मा, जसवंत चौहान, प्रदेश प्रभारी डॉ. संतोष चौहान ने दावा किया कि यह शिविर आगामी चुनावों के मद्देनजर महिला कांग्रेस में नेतृत्व की क्षमता भरने में ज्यादा कारगर साबित होगा।