राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन पार्क के अंदर हरे घास के मैदान तैयार करने की योजना में जुटा है। इसके लिए पार्क की चीलावाली और गौहरी रेंज में घास की नर्सरी को विकसित करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इन नर्सरी में घास और पेड़-पौधों की विभिन्न प्रजातियों को तैयार करके पार्क में लगाया जाएगा।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की विभिन्न रेजों में घास के मैदान विकसित करने के लिए पार्क की चीलावाली रेंज में बंद पड़ी एक पुरानी नर्सरी को शुरू कर दिया गया है। जबकि दूसरी नर्सरी गौहरी रेंज में चौरासी कुटिया के पास एक हेक्टेयर में विकसित की जाएगी। पार्क की चीलावाली रेंज में बनी एक हेक्टेयर की नर्सरी में करीब एक लाख पौधे तैयार किए जा सकेंगे। इस नर्सरी में जंगली जानवरों के लिए घास की प्रजाति के साथ ही फलों और छायादार पेड़ों की पौध तैयार की जाएगी। चीलावाली के वन क्षेत्राधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक के निर्देशानुसार नर्सरी को विकसित करने कार्य शुुरू कर दिया है।
प्रत्येक वर्ष 100 वर्ग हेक्टेयर भूमि में बनेंगे घास के मैदान
घास के मैदानों को विकसित करने का कार्य कई चरण में किया जाएगा। पहले चरण में पार्क की प्रत्येक रेंज में पहले से ही मौजूद चौड़ क्षेत्रों को घास के मैदानों में विकसित किया जाएगा। इसके बाद पार्क की सभी रेजों में प्रत्येक वर्ष 100-100 वर्ग हेक्टेयर भूमि को घास के मैदान के तैयार किया जाएगा।
वन्यजीवों को भोजन के रूप में चारा उपलब्ध कराने और पार्क को हरा भरा बनाने के लिए सभी रेंजों में घास के मैदान विकसित किए जाएंगे। ऐसी प्रजाति की घास विकसित की जाएगी जो जंगली जानवरों को भोजन के रूप में चाहिए।
- अमित वर्मा, निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क