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हरिद्वार पहुंची राधे मां

Sat, 15 Oct 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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radhe ma - फोटो : amarujala
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मुंबई की बहुचर्चित संत राधे मां इसी हरिद्वार में दो दिन के लिए महामंडलेश्वर बनी थी। अखाड़ों और संतों के भारी विरोध के चलते उनका महामंडलेश्वर पद तीसरे दिन निलंबित कर दिया गया था। बाद में यह पद भी अखाड़े ने वापस ले लिया। कुंभ मेलों में हाथी या रथ पर सवार होकर गंगा, नर्मदा और शिप्रा नदी में स्नान की मंशा अधूरी रह गई। राधे मां शनिवार की शाम हरिद्वार के सलेमपुर गांव की एक कालोनी में पहुंच गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि अब वह भक्तों के साथ गंगा स्नान करेंगी।

बताया जा रहा है कि राधे मां का भक्त मंडली के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने का भी कार्यक्रम है। एक महामंडलेश्वर के रूप में कुंभ के अवसर पर नहाने का ख्वाब चार बार अधूरा रह गया। राधे मां को वर्ष 2010 में हुए हरिद्वार कुंभ के ठीक एक वर्ष बाद 2011 में जूना अखाड़े ने आधी रात को एक बजे चुपचाप महामंडलेश्वर बनाया था। जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद सरस्वती ने उन्हें दीक्षा प्रदान की थी। अगले ही दिन राधे मां को महामंडलेश्वर बनाने की मंशा पर संत जगत में भारी विवाद शुरू हो गया। राधे मां सवेरे ही हरिद्वार से वापस लौट गई। विवाद बढ़ने पर जूना अखाड़े ने उन्हें दिए गए पद को निलंबित रखते हुए 11 सदस्यीय जांच समिति बैठा दी।
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इसके उपरांत प्रयाग में अर्द्धकुंभ, नासिक और उज्जैन में कुंभ मेले संपन्न हुए। राधे मां की मंशा थी कि वह अपने अखाड़े के साथ गंगा और अन्य नदियों में स्नान करने रथ पर बैठकर पहुंचे। गौरतलब है कि महामंडलेश्वरों के रथ हजारों भक्तों के साथ निकलते हैं। इसी बीच जूना अखाड़े ने जांच समिति की रिपोर्ट आए बगैर आनन-फानन में राधे मां का पद स्थायी रूप से समाप्त कर दिया। जांच समिति के सदस्यों के बीच पद पर बने रहने और वापस लेने को लेकर जब विवाद उठा तब जूनापीठाधीश्वर और अखाड़े के श्रीमहंतों ने यह निर्णय ले लिया था। अब राधे मां अपने एक भक्त के घर पहुंची है। संभावना है कि रविवार को सवेरे वह हरकी पैड़ी जाकर पूर्णिमा स्नान करेंगी। राधे मां गांव से पैदल चलते हुए हरकी पैड़ी पहुंचेंगी। उनके भक्तों का काफिला साथ चलेगा।
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