गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी की मांग को लेकर प्रेमनगर पुल के पास उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की जमीन पर चल रहे धरना स्थल पर ही सिख समुदाय कि लोगों ने निशान साहिब की स्थापना कर दी। बैसाखी और खालसा पंथ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भंडारे के दौरान सिख श्रद्धालुओं के आग्रह पर मेयर मनोज गर्ग ने खुद निशान साहिब की स्थापना के लिए गड्ढा खोदा। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने भी गुरु ग्रंथ साहिब और निशान साहिब पर मत्था टेका। धरना स्थल पर अचानक निशान साहिब की स्थापना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। जमीन का मालिकाना हक रखने वाले उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इसे अवैध बताया है।
हरकी पैड़ी पर भारत स्काउट दफ्तर की जगह गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी बनाने की मांग कई साल से सिख समुदाय की ओर से की जा रही है। धरना प्रदर्शन और कई दौर की वार्ताओं के बावजूद हरकी पैड़ी पर गुरुद्वारा निर्माण की मांग पूरी नहीं हो सकी। करीब छह महीने पहले सिख समाज के लोगों ने गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी संघर्ष समिति के बैनर तले प्रेमनगर पुल की बगल में गंगनहर किनारे धरना शुरू किया था। धरना स्थल पर तभी से नियमित रूप से शबद कीर्तन सहित धार्मिक गतिविधियां चल रही हैं। शुक्रवार को भी बैसाखी के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचे मेयर मनोज गर्ग से संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने आग्रह किया कि लंबे समय से गुरुद्वारा निर्माण की मांग चली आ रही है। उत्तराखंड के साथ साथ अब यूपी और केंद्र में भी भाजपा सरकार है, ऐसे में अब गुरुद्वारा निर्माण में कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए।
इस पर मेयर मनोज गर्ग ने रजामंदी जताते हुए कहा कि निर्माण होना चाहिए। निशान साहिब की स्थापना के लिए मेयर ने खुद फावड़ा लेकर गड्ढा खोदने की शुरूआत की। जिसके बाद विधि विधान से निशान साहिब की स्थापना कर दी गई। यह जानकारी मिलने के बाद खुफिया विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों को सूचना दी। कुछ देर बाद ही हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने भी वहां पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब व निशान साहिब पर मत्था टेका और श्रद्धालुओं को बधाई दी। मामले को लेकर प्रशासन और सिंचाई विभाग में हलचल मची रही।
जुलाई माह में नाकाम रही थी कोशिश
धरना स्थल पर बीते साल जुलाई माह में भी निशान साहिब की स्थापना की जानी थी, लेकिन उस समय खुफिया विभाग को इसकी जानकारी मिल गई थी। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थापना नहीं होने दी थी। शुक्रवार को खुफिया विभाग को ही पहले से कुछ भनक नहीं लगी। हालांकि निशान साहिब की स्थापना की भूमिका भले ही चंद मिनट में तैयार हुई हो, पर इसकी तैयारी पहले से की गई थी। निशान साहिब के लिए पाइप से लेकर ईंट व सीमेंट आदि का इंतजाम पहले से किया गया था। बाद में मामले की जानकारी मिलने पर खुफिया विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और संघर्ष समिति व श्रद्घालुओं से बातचीत कर रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी।
चंद मिनट में मंजिल पर पहुंचा आंदोलन
गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी को लेकर आंदोलन यूं तो लंबे समय से चल रहा था। आंदोलन ने धार पिछले तीन चार सालों में पकड़ी। स्थानीय सिख समाज के अलावा पंजाब, दिल्ली, हरियाणा आदि प्रदेशों से भी सिख नेता लगातार हरिद्वार आकर गुरुद्वारा निर्माण की मांग करते रहे। ऑल इंडिया सिख कांफ्रेंस के अध्यक्ष गुरुचरण सिंह बब्बर ने तो बीते तीन चार सालों में लगभग हर स्नान पर्व पर हरकी पैड़ी कूच का ऐलान किया। लॉ एंड ऑर्डर को देखते हुए पुलिस प्रशासन को मुस्तैदी बरतनी पड़ी और बब्बर को कई मर्तबा हरकी पैड़ी पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर नजरबंद किया गया।
2014 में निर्मल विरक्त कुटिया से हरकी पैड़ी कूच करने के दौरान श्रद्घालुओं और पुलिस में टकराव की स्थिति भी बनी। शुक्रवार को धरने के 193वें दिन चंद मिनट में ही आंदोलन ने मंजिल की सबसे अहम सीढ़ी पार कर ली। निशान साहिब की स्थापना के रूप में गुरुद्वारे की नींव रख दी गई। सिख श्रद्धालुओं का कहना था कि निशान साहिब की स्थापना के बाद अब यहां गुरुद्वारे का निर्माण किसी सूरत नहीं रुक सकता है। जल्द ही भव्य गुरुद्वारे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
भंडारे में यह रहे मौजूद
भंडारे और निशान साहिब की स्थापना के अवसर पर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजीत सिंह दुआ, निर्मल संतपुरा के संत जगजीत सिंह, बाबा पंडत, जोगा सिंह, सूबा सिंह ढिल्लों, बलबीर सिंह, अनूप सिंह सिद्धू, सुमित वालिया, सुखदेव सिंह, त्रिलोचन सिंह कालरा, गुरमीत कौर, सतपाल सिंह चौहान, राजविंदर कौर, गुरमीत कौर, बलवंत सिंह, मनमोहन सिंह, टेक सिंह, साहेब सिंह, इंद्रजीत सिंह, एसपी सिंह, लाहौरी सिंह, सुखविंदर पाल सिंह, विक्रम सिंह सिद्धू, चरणजीत सिंह, लव शर्मा, देवेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह आदि उपस्थित थे।
यह पूरा मामला अवैध श्रेणी में है, उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया जा रहा है। उच्च अधिकारी जैसा निर्देश करेंगे, उसी के अनुसार अगली कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
- सुशील कुमार यादव, एसडीओ हैड वर्कस, उत्तरी खंड गंगनहर