अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा ने बैठक कर ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी के द्वारा दिए जाने वाले बीजमंत्रों पर शास्त्रार्थ करने की चुनौती दी।
शुक्रवार को अपर रोड तुम्बड़िया हाउस में हुई बैठक में महासभा के अध्यक्ष उज्जवल पंडित ने कहा कि कुमार स्वामी दिल्ली में बैठकर शास्त्रार्थ की चुनौती दे रहे हैं, वे उनके बीजमंत्रों पर चुनौती देते हुए शास्त्रार्थ करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर उन्होंने समागम किया है उसी स्थान पर अपने बीजमंत्रों का असर दिखाएं। यदि उनका असर हुआ तो पुरोहित समाज कुमार स्वामी का हरकी पैड़ी पर भव्य अभिषेक करेगा। उपाध्यक्ष सौरभ शिवपुरी, संदीप क्षोत्रिय, सचिन, नितिन पोखरिया, अमर आत्रेय आदि ने कहा कि हरिद्वार बायलॉज का खुला उल्लंघन हुआ है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार के मुस्लिम भी बायलॉज का सम्मान करते हैं और कांवड़ यात्रा में सबसे अधिक कांवड़ सामान बनाने का काम मुस्लिम वर्ग ही करता है। बैठक में आशुतोष तुम्बड़िया, अनिल, पराग मिश्रा, अशोक शर्मा, प्रकाश शर्मा, ललित जोशी, राकेश शर्मा, मोहन शर्मा, शिवम आदि शामिल हुए। वही दूसरी ओर राष्ट्रीय हिंदू क्रांतिदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कुमार स्वामी को सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने को कहा।
गंगा तट पर आयोजनों की क्षमता बढ़ना स्वाभाविक: शंकराचार्य
द्वारिका एवं ज्योर्तिपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने दुख निवारण समागम में उठे सवालों का समाधान सभी पक्षों को सुनने के बाद कर दिया है। उन्होंने दोनों पक्षों को आगाह किया है कि भविष्य में धर्म और अध्यात्म को लेकर किसी प्रकार की परस्पर विरोधाभाषी बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्रों की शक्ति अपार है और मां गंगा की महिमा अपरंपार है। गंगा तट पर जब कोई समागम या मंत्रों की सिद्घि या उच्चारण होता है तो उसकी क्षमता बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि धर्म को राजनीति में घसीटना नहीं चाहिए। भारत साधु समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि यदि समागम से किसी की भावना आहत हुई है तो भविष्य में उस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी।