बहादराबाद। क्षेत्र के एक गांव में रह रही विधवा और पड़ोसी युवक को आपस में प्रेम करना भारी पड़ गया। उनके इस व्यवहार को गांव के लिए कलंक मानते हुए बैठी पंचायत ने तुगलकी फरमान जारी कर दोनों को गांव छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं जब यह युगल मदद मांगने के लिए पुलिस के पास पहुंचा तो उन्होंने भी पंचायत के तुगलकी फरमान पर मुहर लगाते हुए आंख, नाक, कान बंद कर लिए।
युगल अपनी जान बचाने के लिए गांव और पुलिस के बीच भटक रहे है। हालांकि पुलिस के उच्चाधिकारियों ने ऐसा कोई भी मामला संज्ञान में आने से इंकार किया है। पूरा मामला कुछ यूं है। मामला पास के ही एक गांव का है। बताया गया कि यहां एक व्यक्ति की करीब एक साल पहले मौत हो गई थी। उसकी पत्नी ससुराल में ही रह रही है जबकि पड़ोस में रहने वाले एक युवक की पत्नी उसे करीब छह साल पहले छोड़कर चली गई थी। दोनों की आपस में नजदीकीयां बढ़ गई। यह बात धीरे धीरे गांव में फैल गई। पहले तो परिवार वालों ने दोनों को समझाने का प्रयास किया और गांव तभा बिरादरी का वास्ता देकर उन्हें दूर रहने को कहा। लेकिन जब युगल नहीं माना तो मामला गांव के मौज्जिज लोगों तक भी पहुंच गया। बताया गया कि सोमवार को गांव में पंचायत हुई जिसमे तुगलकी फरमान सुनाते हुए दोनों को गांव छोड़ने की चेतावनी दे दी गई। ऐसा न करने पर उनसे कोई वास्ता नहीं रखने की बात कही गई। पंचायत के तुगलकी फरमान के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिङ्क्षतत युगल देर शाम थाने पहुंचा लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई मदद करने की बजाय पंचायत का ही फरमान मान लेने की नसीहत देकर चलता कर दिया।
हालांकि एसओ महेश जोशी ने ऐसा कोई मामला थाने तक पहुंचने से इंकार किया है। वहीं एसएसपी सेंथिल अबूदई ने भी ऐसा कोई मामला संज्ञान में होने से इंकार किया जबकि क्षेत्र में इस प्रकरण की चर्चा होती रही और सुरक्षा के प्रति चितिंत युगल इधर उधर भटकते रहे।
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स्काउट गाइड शिविर का समापन
हरिद्वार। हिंदुस्तान स्काउट गाइड उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित नेशनल टीचर ट्रेनिंग कैंप का पंतजलि योगपीठ में बीती शाम समापन हुआ। इस दौरान जम्मू कश्मीर से आए नेशनल ट्रेनिंग कमीश्नर मोहम्मदव् मकबूल हुसैन ने स्काउट गाइड के इतिहास पर प्रकाश डाला और प्रशिक्षण की बारीकीयां की भी जानकारी दी। स्काउट गाइड से जुड़े प्रशिक्षण दिए गए। नेशनल मुख्यालय से आए ट्रेनर चंद्रशेखर भारती, मांगेराम, संतराम, हरिद्वार के संगठन आयुक्त रतनपाल सैनी, नीरज पाटिल, अजय सैनी, चंदनदेव आदि ने भी विचार रखे। गाइड में प्रथमख्न स्थान दीपमाला कौशिक को मिला।