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...तो यहां चलती है ‘खाकी’ की

Mon, 18 May 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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भीमगोडा एवं नगर कोतवाली के पास डाकघर के पुलिस बैरियर पर बैरियरवालों की ही चलती है। भीड़ के बीच जीरो जोन में चलते ऑटोरिक्शा और साइकिल रिक्शा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। वैशाख स्नान पर्व की जीरो जोन में बैरियरों के अंदर की पुलिस व्यवस्था पर जब आंखों देखी खबर छपी तो महकमा तिलमिला गया था, लेकिन सबक नहीं लिया।
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सोमवती अमावस्या स्नान की व्यवस्था के लिए शनिवार को पुलिस ने फिर कसरत की। लेकिन रविवार को बैरियरों के अंदर का नजारा जस का तस मिला। भीमगोडा से कपूरथला हाउस हरकी पैड़ी तक की दूरी आधा किमी है। इस दूरी का ऑटोवाले प्रति सवारी 10 रुपये और रिक्शा वाले 20 रुपये ले रहे हैं। यात्रियों की इस लूट पर सभी चुप्पी साधे हुए हैं।   

-सुबह 10.31 बजे भीमगोडा बैरियर के अंदर जीरो जोन में 15 रिक्शाएं खड़ी मिली। इनके अलावा कुछ हरकी पैड़ी से सवारियों लेकर आ रहे थी। कुछ हरकी पैड़ी जा रही थी। बैरियर से आगे बढ़े तो 10.33 बजे हरकी पैड़ी से 10 सवारियों लेकर एक ऑटो भीड़ के बीच में यात्रियों को डराता हुआ बैरियर की ओर जाता मिला। पुष्करणा भवन के पास पांच रिक्शा वाले आते हुए और तीन जाते मिले। खास बात यह है कि यह ऑटो-रिक्शा चालक बैरियर के अंदर घूमते हैं और पुलिसवाले कुछ नहीं कहते।
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-रेलवे की सुरंग और काली मंदिर के पास सुबह 10.45 बजे हरकी पैड़ी से आते दो ऑटो व तीन रिक्शा भरे मिलते हैं। बृजमोहन गुप्ता एडवोकेट के घर बाहर पैदल चलते दो दरोगा व दो सिपाही मिले पर उन्होंने भीड़ में ऑटो व रिक्शा ले जाने वालों को टोका तक नहीं। इस दौरान एक बात देखने को मिली कि जीरो जोन में जो ऑटो-रिक्शाएं चल रही हैं उन पर एक कोड नंबर भी लिखा है। किसी में बीजी सात भीमगोडा तो किसी में बीजी 28 लिखा है। रिक्शाओं पर भी कोड नंबर देखा गया।

-हरकी पैड़ी कपूरथला हाउस के सामने 10.50 बजे छह रिक्शाएं खड़ी मिली। इससे पहले सुखरायण भवन के पास ऑटो व रिक्शा वाले सवारी लेकर जाते मिले। हरकी पैड़ी चौकी के सामने लंगर चलता मिला। कहने को यह क्षेत्र भिखारियों के लिए प्रतिबंधित है। लेकिन सैकड़ों भिखारी लाइन में खड़े मिले।

-हरकी पैड़ी से अपर रोड पर कोतवाली के पास डाकघर के बैरियर के अंदर भी जीरो जोन का नजारा नहीं बदला। सुबह 11 बजे जाट धर्मशाला, शिव विश्रामगृह के पास, बड़ा जोगी बाड़ा, मानसरोवर होटल के पास रिक्शाएं आती-जाती मिली। मयूर होटल के पास तीन ऑटो खड़े मिले। तीन रिक्शावाले सवारी लेकर हरकी पैड़ी जाने को पहुंचते हैं। ऑटो में बैठा एक पुलिसवाला इशारा करता है तो रिक्शा वाला प्रति सवारी से 20 रुपये लेकर सभी सवारियां उतार देता है।
 
-कोतवाली के पास बैरियर के अंदर खड़े चार रिक्शा वाले 11.5 बजे हरकी पैड़ी की ओर सवारी लेकर चलते हैं। सड़क पर पुलिस उपाधीक्षक की जिप्सी के आगे से वह आगे बढ़ते हैं पर कोई टोका-टाकी नहीं करता है।

- शुक्रवार को अमर उजाला में छपी एक खबर का असर देखने को मिला। हरकी पैड़ी पुलिस चौकी सामने सड़क के बीचों-बीच नाले में दो महीने से टूटा स्लैब दुर्घटना होने से पहले ही मुख्य नगर अधिकारी विप्रा त्रिवेदी ने ठीक करवा दिया है।
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