निर्मल विरक्त कुटिया प्रकरण के बड़ा मुद्दा बनने के बाद हरिद्वार पुलिस ने कुटिया से जुड़े एक पुराने मामले में एक पक्ष के प्रवीण यादव को बुधवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से प्रवीण यादव को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2009 में निर्मल विरक्त कुटिया के तत्कालीन प्रबंधक भगवंत सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि सुखदेव सिंह नामधारी और प्रवीण यादव समेत कई लोगों ने उनका फर्जी त्याग पत्र तैयार कर एक नई ट्रस्ट बनाकर उसे पंजीकृत करा लिया। इस मामले में तब कनखल थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में एक बार आरोप पत्र तैयार हुआ, लेकिन भाजपा सरकार में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रहे सुखदेव सिंह नामधारी के आरोपी होने के चलते आरोप पत्र रोका गया। इसके बाद आरोप पत्र को फाइनल रिपोर्ट में तब्दील कर दिया।
वर्ष 2013 में एसएसपी रहे अरुण मोहन जोशी ने मामले की फाइल एक बार फिर से खोली, तब से यह फाइल खुली ही हुई है। एसओ श्यामपुर अनुज सिंह इसकी जांच कर रहे थे। बुधवार देर रात एसओ श्यामपुर अनुज सिह, एसओ कनखल रितेश शाह, एसओ रानीपुर प्रदीप बिष्ट की अगुवाई में पहुंचे पुलिस फोर्स ने भेल के सेक्टर चार में रह रहे आरोपी प्रवीण यादव को गिरफ्तार कर लिया। नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी के प्रयास कर रहे हैं। उधर दूसरी ओर प्रवीण यादव के परिजनों ने मानव अधिकार आयोग को पत्र भेजकर अधिकारियों पर गलत तरीके से गिरफ्तारी करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।