संयोग ही कहेंगे कि सात साल बाद एक दंपति का आमना सामना हुआ। लेकिन पति ने पत्नी को पहचाने से ही इंकार कर दिया। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तब उसने पत्नी को तो पहचाना लेकिन फिर साथ रहने से इंकार कर दिया।
पौड़ी गढ़वाल की बीरोंखाल की क्षेत्र पंचायत सदस्य रही महिला पिछले कई वर्ष से अपनी बेटी और बेटों के साथ हरिद्वार में ही रह रही है। सात साल पूर्व उसका पति कहीं चला गया था। बच्चों के लालन पालन की जिम्मेदारी के चलते हरिद्वार आकर महिला सिडकुल की एक औद्योगिक इकाई में कार्य करने लगी। रविवार को महिला के गांव के ही एक व्यक्ति ने उसे सूचना दी कि उसका पति चंडीघाट स्थित श्मशान घाट पर मौजूद है। महिला श्मशान घाट पहुंच गई। पति ने उसे पहचानने से इंकार कर दिया। महिला पति को पकड़कर हरिद्वार कोतवाली ले आई। यहां भी काफी देर तक वह महिला को अपनी पत्नी मानने से मना करता रहा। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तब कबूला किया वह उसकी पत्नी है। लेकिन पत्नी के साथ रहने से दो टूक इंकार कर दिया। तब पता चला कि सात साल पहले परिवार को छोड़कर जाने के बाद वह काशीपुर, ऊधमसिंहनगर में एक महिला के साथ घर बसाकर रह रहा है।
पुलिस ने जब तलाशी ली तब उसकी जेब से अश्लील साहित्य भी बरामद हुआ। एसएसआई पंकज देवरानी ने बताया कि महिला सिडकुल क्षेत्र में रहती है लिहाजा वहीं की पुलिस अग्रिम कार्रवाई करेगी। उसकी बेटी भी अब एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत है, दो बेटे अभी छोटे है। मामले की जानकारी सिडकुल पुलिस को दे दी गई है।