हरिद्वार। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को हरिद्वार पहुंचकर जलभराव से परेशान लोगों का दर्द जाना। काफिले के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार समस्याओं के प्रति गंभीर है। उन्होंने जिलाधिकारी को समस्या के समाधान के तात्कालिक निर्देश दिए। परेशान लोगों को आश्वस्त किया कि जलभराव की समस्या को तीन अलग-अलग चरणों में बांटकर उनका स्थाई समाधान निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत दोपहर करीब डेढ़ बजे सड़क मार्ग से सीसीआर पहुंचे। उसके बाद मध्य हरिद्वार स्थित भगत सिंह चौक और श्री चंद्राचार्य चौक के पास होने वाले जलभराव की समस्या के निदान के लिए राज्य सरकार की ओर से कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने समस्या के स्थाई समाधान खोजने के निर्देश भी दिए। यहां से सीएम का काफिला बैरियर-छह के पास ग्राम जमालपुर खुर्द की आपदा प्रभावित कॉलोनियों में पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री ने जलभराव के संबंध में लोगों से बातचीत की। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक ने सीएम को बताया कि भेल की तरफ से आने वाले नाले के साथ सिडकुल की ओर से आने वाले पानी ने यहां तबाही मचाई है। उन्होंने डीएम को समस्याएं के निस्तारण के निर्देश दिए। उसके बाद सीएम का काफिला पथरी पावर हाउस, सलेमपुर और सुमननगर पहुंचा और लोगों से बारिश से हो रही परेशानियों से रूबरू हुए।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में जलभराव की समस्याओं को तीन अलग-अलग चरणों में बांटकर उनका निराकरण कराया जाएगा। सबसे पहले मध्य हरिद्वार की समस्या के निराकरण के लिए सरकार ने पंपिंग सेट लगाकर तात्कालिक समाधान शुरू करा दिया है। सलेमपुर व जमालपुर खुर्द में सामने आई समस्या का आधा पानी रानीपुर रौ व आधा पथरी रौ में डालकर समाधान निकाला जाएगा। ज्वालापुर नगर की समस्या अलग तरह की है। इसके समाधान के लिए पूर्व विधायक अंबरीश कुमार की निगरानी में एक समिति बनाने के निर्देश दिए। यह समिति समस्याओं के कारण और उनके निवारण के उपाय सुझाएगी। मुख्यमंत्री ने कनखल के लाटोवाली का भी दौरा किया। उसके बाद मुख्यमंत्री ने सिंहद्वार स्थित एक होटल में अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने जलभराव से हो रही परेशानियों को दूर करने के निर्देश दिए। इस दौरान पूर्व विधायक अंबरीश कुमार, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, धर्मेंद्र अंबूवाला, ठाकुर रतन सिंह, राजबीर चौहान, किरणपाल वाल्मीकि के साथ डीएम, एसएसपी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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हमदर्द बन बांटा दर्द
हरिद्वार। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत कांग्रेस के उन तीन नेताओं के घर भी गए जिनके परिजनों की हाल में मौत हुई है। शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने तीनों परिवारों को ढांढस बंधाया। सीसीआर में संत तिरुवल्लुवर की प्रतिमा को नमन करने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला मायापुर निवासी कांग्रेसी नेता नीरव साहु के घर पहुंचे। नीरव के पिता वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पालिका के दो बार अध्यक्ष रह चुके मनोहर लाल साहु का शनिवार सुबह निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने स्व. साहु को श्रद्धासुमन अर्पित किए। यहां से सीएम का काफिला ऋषिकुल स्थित कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री ईश्वरी देवी के आवास पहुंचा। शनिवार को हुए उनके परिजन के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उसके बाद मुख्यमंत्री ज्वालापुर स्थित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नईम अख्तर कुरैशी के आवास पहुंचे। पिछले दिनों नईम कुरैशी की पत्नी ताहिरा बेगम का इंतकाल हो गया था। सीएम ने उनके निधन पर शोक जताया। इस दौरान हाजी युनुस मंसूरी, रफी खान, मकबूल कुरैशी, चौधरी मुस्तुफा ख्वाजा, छम्मन पीरजी, सुहेल कुरैशी, अरशद ख्वाजा, सद्दीक गौड, जमील अहमद आदि मौजूद रहे।
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तिरुवल्लुवर पार्क का होगा विकास
हरिद्वार। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मेला नियंत्रण कक्ष पहुंचकर वहां रखी तमिल के संत एवं प्रख्यात कवि तिरुवल्लुवर की प्रतिमा को नमन किया। साथ ही मेला नियंत्रण कक्ष परिसर में संत की प्रतिमा स्थापित करने और परिसर स्थित जिस पार्क में प्रतिमा प्रतिष्ठापित की जाएगी, उसका नाम तिरुवल्लुवर के नाम पर रखने के निर्देश दिए। पार्क को विकसित करने को भी डीएम को कहा।