पौष पूर्णिमा के अवसर पर देश के विभिन्न भागों से आए करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई। स्नानार्थियों ने स्नान के बाद शुभ कर्म कराए। बृहस्पतिवार से ही एक महीने चलने वाला पवित्र माघ स्नान आरंभ हो गया है। माघी अमावस्या का स्नान 27 जनवरी को होगा।
पूर्णिमा के अवसर पर राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं की संख्या में गंगा स्नान के लिए पहुंचे। गंगा तट पर बगैर किसी प्रबंध गंगा स्नान प्रातकाल से प्रारंभ हो गया था। सवेरे कड़ाके की ठंड के चलते काफी कम श्रद्धालु हरकी पैड़ी पर नजर आए। सूर्योदय के बाद स्नानार्थियों की संख्या बढ़ती गई। श्रद्धालुओं ने कुशावर्त जाकर तर्पण, यज्ञोपवीत और मुंडन संस्कार आदि संपन्न कराए। श्रद्धालुओं ने पूर्णिमा भोज के भी आयोजन किए। पौष के समापन पर भगवान सत्यनारायण की कथाओं का परायण यहां वहां हुआ। देवनिमित्त चल रही भागवत और राम कथाएं आज सम्पन्न हुई।
पूर्णिमा के साथ ही माघ स्नान भी प्रारंभ हो गया। माघ को महीनों में पवित्रतम माना जाता है। इस महीने श्रद्धालु प्रयाग आदि तीर्थों पर एक महीना जुटकर कल्पवास करते हैं। हरिद्वार में कल्पवास नहीं होता लेकिन अनेक श्रद्धालु माघ के प्रारंभ में और समापन पर पांच दिवसीय स्नान करने पहुंचते है। प्रतिपदा तिथि चूंकि सायंकाल पांच बजे लगी, अत: माघ नहाने वालों ने सायंकाल भी स्नान किया। सायंकालीन गंगा आरती में भी श्रद्धालुओं भारी भीड़ हरकी पैड़ी पर उमड़ी।