केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपदनाइक और केंद्रीय लघु उद्योग राज्यमंत्री गिरिराज किशोर ने शुक्रवार को पतंजलि योगपीठ पहुंचकर योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से मुलाकात की। इस दौरान कई विषयों पर चर्चा की गई। दोनों मंत्रियों ने पतंजलि के योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, ऋषि संस्कृति आदि विषयों को सराहा। दोनों मंत्रियों ने पतंजलि ग्रामोद्योग, पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट, पतंजलि वनस्पति रिसर्च प्लांट, दुर्लभ पंाडुलिपियों सहित योगपीठ के अनेक प्रकल्पों का भ्रमण किया।
शुक्रवार की सुबह पहुंचे दोनों मंत्रियों का आचार्य बालकृष्ण ने स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपदनाइक ने देश-विदेशों में पैदा होने वाली आयुर्वेदिक व औषधीय जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में आचार्य बालकृष्ण के प्रयासों को सराहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पतंजलि की आयुर्वेदिक अनुसंधानपरक योजनाओं के माध्यम से देश के करोड़ों लोगों को स्वस्थ बनाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय लघु उद्योग राज्यमंत्री गिरिराज किशोर ने कहा कि आज देशभर में लोग पतंजलि अभियान को रोजगार, समृद्धि, स्वास्थ्य, प्रमाणिकता, राष्ट्रभक्ति, ऋषि संस्कृति आदि के पर्याय रूप में जान रहे हैं। उन्होंने आचार्य बालकृष्ण से देश के अति पिछड़े एवं उद्योग विहीन क्षेत्रों को पतंजलि की लघु स्वावलंबन इकाइयों से जोड़ने और वहां के गरीब लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की का अनुरोध किया।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में देश के किसानों को वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों, फूलों, फलों के उत्पादन से जोड़ने के लिए पतंजलि अभियान चलाएगी। इससे स्थानीय नागरिकों की गरीबी, तंगहाली दूर होगी, आर्थिक, आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध एवं स्वस्थ भारत का मार्ग प्रशस्त होगा।