डा. प्रणव पंड्या
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हरिद्वार। शांतिकुंज के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि राज्यसभा के सदस्य के रूप में उनका प्रयास होगा कि संसद का आध्यात्मिककरण हो। वह संसद में राजनीति नहीं बल्कि देश सेवा करेंगे। उनका प्रयास रहेगा कि शांतिकुंज का नारा ‘हम बदलेंगे युग बदलेगा’ संसद में भी साकार हो।
बुधवार को राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर अमर उजाला से वार्ता करते हुए डा. पंड्या ने कहा कि वह राष्ट्र की सेवा संकल्प लेकर शांतिकुंज पहुंचे थे। आचार्य श्रीराम शर्मा के जीवन आदर्शों का अनुसरण करते हुए इस दिशा में काफी काम करने का भी उन्होंने प्रयास किया है। लेकिन इन कार्यों के दौरान उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि यह रास्ता देश की संसद तक भी जाएगा। अब मौका मिला है तो शांतिकुंज के आदर्शों को संसद के जरिए भी देश और दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। गंगा की हालत पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए जो योजनाएं बनाई हैं वे धरातल पर उतरें। उन पर पारदर्शिता के साथ काम हो। गंगा का उद्धार हो। इसके लिए वह पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने माना कि देश में इस समय राजनीति में सब-कुछ ठीक नहीं चल रहा है। लेकिन राजनीति का भी सुधार हो और बदलाव की बयार बहे, इसके लिए वह प्रयास करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शांतिकुंज प्रमुख होना राज्यसभा सदस्य होने से बड़ी बात है।