हरिद्वार। नगर निगम ने जिस पथ प्रकाश निरीक्षक को निलंबित करने की बात कर रहा है, वह इस विभाग का कर्मचारी ही नहीं था। नगर निगम में उसकी नियुक्ति माली के पद है। हरकी पैड़ी के पास एक महिला की करंट लगने से हुई मौत के बाद इसका खुलासा हुआ है। निगम के अधिकारियों के इस कारनामे से हर कोई भौंचका है।
मालूम हो कि पांच जून की शाम को हरकी पैड़ी के पास मुजफ्फरनगर की एक महिला की हाईमास्ट लाइट के खंभे में करंट उतरने से मौत हो गई थी। नगर निगम ने इसके लिए पथ प्रकाश निरीक्षक शिवकुमार को जिम्मेदार माना। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने प्रथम दृष्टया लापरवाही के लिए छह जून को शिवकुमार को निलंबित कर दिया। शिवकुमार के निलंबन के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वह पथ-प्रकाश विभाग का कर्मचारी ही नहीं बल्कि नगर निगम में उसकी नियुक्ति माली के पद पर है। महिला की मौत नहीं होती तो यह खुलासा नहीं होता। नगर निगम किस तरह से काम कर रहा है इससे यह साफ हो जाता है।
पूर्व सभासद दिनेश जोशी का कहना है कि हरकी पैड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पथ-प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी एक माली को देने वालों के विरुद्घ कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे पूर्व करंट लगने से महिला घाट के पुल पर तीन युवाओं की मौत के बाद भी नगर निगम नहीं चेता और माली को ही पथ प्रकाश व्यवस्था में बनाने के लिए रखा गया। पार्षद कन्हैया खेवड़िया कई बार माली को हरकी पैड़ी क्षेत्र की पथ-प्रकाश की जिम्मेदारी दिए जाने का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि महिला की मौत के बाद माली शिवकुमार को निलंबित कर अधिकारियों ने अपने को बचाने का प्रयास किया है।
भले ही शिवकुमार माली है, परंतु काम तो उससे पथ-प्रकाश का ही लिया जा रहा था, इसलिए उसको निलंबित किया गया। लाइनमैन संविदा कर्मचारी है इसलिए उसको क्यों न सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया गया है।
- विप्रा त्रिवेदी, नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार