चौधरी चरण सिंह (वीआईपी) घाट और भीमगोड़ा बैराज का भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का नाम बदले जाने पर जाट महासभा पंचपुरी ने इसका भारी विरोध किया है। जाट समाज ने इन दोनों स्थानों का नाम पुन: चौधरी चरण सिंह रखने की मांग की है। ऐसा न होने पर जाट समाज ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भेल में जाट महासभा पंचपुरी की बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष देवपाल राठी ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने देश की आजादी से लेकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह जीवन भर किसानों, मजदूरों और गरीबों लोगों के हितों के लड़ाई लड़ते रहे। उनका पूरा जीवन ग्रामीण भारत के सुधार आंदोलनों के लिए समर्पित रहा। उत्तर प्रदेश के सिचांई मंत्री ने चौधरी चरण सिंह (वीआईपी) घाट और भीमगोड़ा बैराज का भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का नाम बदलकर किसान और मजदूर विरोधी सोच का परिचय किया है। जिसका बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा। जाट महासभा के महामंत्री चौधरी रविंद्र मलिक ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को ग्रामीण भारत का निर्माता कहा जाता है। उनके नाम को बदलकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उचित कदम नहीं उठाया है। बैठक को चौधरी देवेन्द्र सिंह कुंडू, सुदेश चौधरी, नरेंद्र सिंह, राजवीर सिंह, चंद्रवीर सिंह, अजय मलिक, नरेेेशपाप बालियान, निरंजन मलिक, ओमवीर राठी, हुकुम सिंह, हरपाल सिंह, यशपाल सिंह, हरवीर मलिक, धूम सिंह, प्रदीप कुमार, खेम चंद्र, धर्मेंद्र, रवि, इंद्रपाल तोमर, रकम सिंह, सिकंदर सिंह, मनोज, सोहनवीर राठी, वासन सिंह, शैलेन्द्र पुनिया, बीर पाल सिंह आदि मौजूद थे।
सपा ने भी किया नाम बदलने का विरोध
चौधरी चरण सिंह (वीआईपी ) घाट का नाम बदले जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी भी सामने आ गई है। सपा के कार्यकर्ताओं ने ललतारो पुल पर महानगर कार्यालय में बैठक कर इसका विरोध किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सपा के महानगर अध्यक्ष सोनल प्रिंस ने कहा कि किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह का नाम बदलकर यूपी के सिंचाई मंत्री ने किसान विरोधी सोच को जाहिर किया है। सपा चौधरी चरण सिंह (वीआईपी ) घाट का नाम बदले जाने की निंदा करती है। सपा के प्रदेश प्रवक्ता काजी चांद ने कहा कि हर जाति और धर्म के लोग पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का सम्मान करते है। इसी लिए 2004 में यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वीआईपी घाट और भीमगोडा बैराज का नाम चौधरी चरण सिंह रखा था। लेकिन यूपी के सिंचाई मंत्री ने चौधरी चरण सिंह (वीआईपी ) घाट का नाम बदलकर किसान विरोधी सोच का परिचय किया है। कहा कि यदि सिंचाई मंत्री ने निर्णय वापस नहीं लिया तो यूपी और उत्तराखंड में विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह को भी अवगत करा दिया गया है। बैठक में कमल शर्मा, विशाल यादव, संदीप शर्मा, विकास राजपूत, मनीष सैनी, मंगता हसन, राव धंनू, प्रमिला चौहान, रुपा, रतन चौहान, मनीष शर्मा, सुधीर शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि मौजूद थे।