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ऑपरेशन के लिए तो ब्लेड तक भी नहीं बचे

Sun, 20 Dec 2015 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। जनपद की अस्पतालों में साधारण मर्ज के इलाज के लिए कुछ दवाईयां तो बची है, लेकिन ऑपरेशन के लिए कोई भी सामान ही नहीं है। ऐसे में अस्पताल में ऑपरेशन करने मुश्किल हो गए हैं। ऐसे में अस्पताल के डाक्टरों के सामने समस्या आ खड़ी हुई है कि मरीजों को भर्ती करें या नहीं।
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सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए ब्लेड, पट्टी, धागे सहित अन्य सामान समाप्त हो चुका है। बिना टेंडर प्रक्रिया के अस्पताल स्तर से नगद खरीदारी करना या स्वयं विवेक के आधार पर दवाईयां खरीदने का नियम समाप्त हो चुका है। इससे जनपद की समस्त अस्पतालों में दवाईयों सहित अन्य उपकरणों की मरम्मत तक कराने का काम बिलकुल ठप हो गया है। लेकिन अब जिला अस्पताल में ऑपरेशन करने में प्रयुक्त होने वाले डिस्पोजल सामान समाप्त हो गए है। ऐसे में अस्पताल के दो सर्जनों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह हो गई है कि वह ऑपरेशन के लिए मरीजों को भर्ती करें तो सामान कहां से लाए और मरीजों से मंगवाएं तो यह नियम के खिलाफ है। सर्जनों की माने तो अभी तक भर्ती मरीजों के जैसे तैसे ऑपरेशन कर दिए गए है। लेकिन आगे बड़ी मुश्किल हो गया है।
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यह सामान नहीं
डिस्पोजिबल आइटम में डिस्पोजिबल सीरिंज 2,3,10 एमएल, आईवी कैनुला 20 जी नहीं है। डेसिंग मैटीरियल में रोल्ड बैंडेज 10 व 15 सेंटी, क्रेप बैंटेज 10 व 15 सेंटी, प्लास्टर ऑफ पेरिस बैंडेज 10 व 15 सेंटीमीटर नहीं है।
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पहले टेंडर प्रक्रिया जटिल थी, मीटिंग के बाद नियमों में कुछ आवश्यक सुधार हुआ है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया कराकर दवाईयां सहित अन्य सामान उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
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डा. सुषमा गुप्ता, सीएमओ।
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