मेला हो या बारिश, अब नहीं रुकती बच्चों की पढ़ाई
सप्तऋषि। बदलती तकनीक के विस्तार ने देश में शिक्षा की पूरी परिभाषा को बदल कर रख दिया है। पहले मेला, बारिश, जलभराव, तीव्र गर्मी के कारण स्कूलों में छुट्टियां हो जाती थीं जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता था। आज वही पढ़ाई बिना किसी बाधा के निरंतर जारी है। ऑनलाइन क्लास व्यवस्था से आधुनिक पैटर्न पर शिक्षा हो रही है जिसने शिक्षा के पारंपरिक स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है।
भागीरथी विद्यालय की प्रधानाचार्य रेणु का मानना है कि डिजिटल शिक्षा ने एक ऐसी मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था खड़ी कर दी है, जहां मौसम या बाहरी परिस्थितियां अब पढ़ाई में बाधा नहीं बनतीं। अध्यापिका हिमांशी का कहना है कि बच्चे अपने घरों में सुरक्षित रहकर लैपटॉप, टैबलेट या मोबाइल के जरिए सीधे शिक्षकों से जुड़ जाते हैं।
अध्यापिका मोनिका का कहना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में अभी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी और उपकरणों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी है। अध्यापिका वंदना ने बताया कि ऑनलाइन क्लास के बढ़ते चलन ने समय और स्थान की सभी सीमाओं को तोड़ दिया है।