हरिद्वार। बीएचईएल में हुए हादसे में दो सगी बहनों में एक की मौत और दूसरी के गंभीर हाल में होने का मामला जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले में जिलाधिकारी ने न केवल वन विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है, बल्कि उन्होंने संबंधित अधिकारियोंं से भी जवाब तलब किया है। उन्होंने निर्देश जारी किया और पीडब्ल्यूडी समेत अन्य विभागों को जिन जगहों पर जर्जर पेड़ खड़े हैं या जहां जोखिम का अंदेशा है, उनको चिह्नित किए जाएं।
बीएचईएल की घटना होने के बाद ही जिलाधिकारी मामले की पूृरी रिपोर्ट तलब की थी। इसमें पता चला कि वन विभाग ने पेड़ कटान की अनुमति नहीं दी। वहीं, बीएचईएल प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रार्थना पत्र पर अमल नहीं करने के कारण उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को लताड़ भी लगाई। उन्होंने कहा कि यदि कहीं पर घटना होती है तो उसके जिम्मेदार विभागीय अधिकारी होंगे।
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ललतारौ पुल की समस्या वाट्सएप पर देखकर किया समाधान
धर्मनगरी हरिद्वार के बीएचईएल क्षेत्र में सूखे पेड़ों के कटान नहीं होने पर दुर्घटना हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कर्मेद्र सिंह जहां विभागों को चेतावनी दे रहे थे इसी बीच किसी ने ललतारौ पुल के पास सूखे पेड़ की फोटो खींच कर डाल दी । मामले की गंभीरता और संभावित दुर्घटना का भी शिकायतकर्ता ने जिक्र किया था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल वन विभाग और नगर निगम को यात्री सुविधाओं के लिए सूखे पेड़ को काटकर हटाने और उसकी जगह पर दूसरे पौधे को सृजित करने के निर्देश दिए। यह मामला पूरे दिन चर्चा में रहा। हालांकि जिलाधिकारी को भेजे फोटो और संदेश में शिकायकर्ता ने अपना नाम नहीं दिया। इसके बावजूद जिलाधिकारी के निर्देश पर पहुंची टीम ने सूखे और जर्जर हाल में पेड़ को काटकर उन्हें फोटो उपलब्ध करा दिया।