हरिद्वार। रोडवेज के कंडक्टर की ओर से 56 हजार रुपये का गबन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में हरिद्वार रोडवेज के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच अलग से होगी।
रुपैडिया रूट पर चलने वाले कंडक्टर ने 23 नवंबर को रूट से वापस आने के बाद भी कैश को रोडवेज कार्यालय में जमा नहीं कराया गया था। परिचालक की ओर से कैश जमा न करने के बाद रोडवेज प्रशासन की ओर से 29 नवंबर को बस के परिचालक के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 30 नवंबर को पुलिस ने कंडक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कंडक्टर को पुलिस की ओर गिरफ्तार करने के बाद रोडवेज मुख्यालय की ओर से स्थानीय अधिकारियों से भी जानकारी हासिल की गई। सूत्रों के अनुसार रोडवेज मुख्यालय की ओर से कंडक्टर की नवंबर माह की इनकम का ब्योरा स्थानीय रोडवेज कार्यालय से मांगा गया है। साथ ही रुपैडिया रूट पर चलने वाले अन्य परिचालकों के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। बताया जा रहा है कि कंडक्टर के खिलाफ एक सप्ताह बाद कार्रवाई करने, बार-बार उसे रुपैडिया रूट पर भेजने, कैशियरों की ओर से अधिकारियों को जानकारी न देने आदि बिंदुओं पर जांच हो सकती है।
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रोडवेज मुख्यालय की ओर से कंडक्टर वाले मामले को लेकर हरिद्वार कार्यालय में अलग से जांच कराई जा रही है। कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होगी। चोरी कंडक्टर ने की है। उसी से भरपाई कराई जाएगी।
- दीपक जैन (जीएम प्रशासन) उत्तराखंड परिवहन निगम ।