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अब उठेगा एलईडी खरीद की परतों से पर्दा

Thu, 17 Mar 2016 12:28 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। नगर निगम हरिद्वार, रुड़की और नगरपालिका परिषद मंगलौर में 13वें व 14वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान राशि से एलईडी लाइट की खरीद में अनियमितताओं की जांच प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। वित्त सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी ने डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व ) को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। नामित जांच अधिकारी ने मुख्य नगर अधिकारी नगर निगम हरिद्वार, रुड़की और अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद मंगलौर को पत्र भेजकर एलईडी खरीद संबंधी समस्त अभिलेखों के साथ 19 मार्च को उपस्थित होने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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गौरतलब है कि दिसंबर 2014-15 में एलईडी लाइट्स की खरीद में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का आरोप है। नगर निगम हरिद्वार पर सभासद कन्हैया खेवड़िया ने ब्लैक लिस्टेड फर्म को ठेका देने का आरोप भी लगाया था। बाजार से कहीं अधिक रेट पर एलईडी लाइट खरीदी गई है। नगरपालिका परिषद मंगलौर के अधिकारियों ने एलईडी खरीदने में सबको पीछे छोड़ दिया था। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नगर निकायों में हुए इस घोटाले की वित्तीय कमेटी से जांच कराने का निर्देश दिया था। इससे पूर्व शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने भी शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल को जांच कराने के लिए पत्र लिखा था। इस संबंध में शासन के वित्त सचिव अमित नेगी ने जिलाधिकारी, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर को जांच कर आख्या देने के लिए 24 फरवरी को पत्र भेजा था। इसके क्रम में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कहां-कितने वाट की एलईडी खरीदी
नगर निगम हरिद्वार ने 72 वाट की एक एलईडी 5324 रुपये में खरीदी।
जबकि 25 वाट की एक एलईडी 1845 रुपये में खरीदी।
नगर निगम रुड़की ने 80 वाट की एक एलईडी 5650 रुपये में खरीदी।
जबकि 25 वाट की एलईडी इसने 1829 रुपये में खरीदी।
मंगलौर नगरपालिका परिषद ने 25 वाट की 200 एलईडी प्रति लाइट 6950 रुपये में खरीदी।

लाखों का बजट लगाया ठिकाना
पथ प्रकाश की व्यवस्था व साफ-सफाई के लिए मंगलौर पालिका परिषद को दो किश्तों में करीब 52 लाख रुपये जारी किया गया था। जबकि हरिद्वार और रुड़की नगर निगम को पथ प्रकाश के लिए 40-40 लाख रुपये का बजट मिला था। इस बजट को अधिकारियों ने कैसे ठिकाना लगाया वह प्रत्येक एलईडी लाइट की रेट देखकर लगाया जा सकता है।
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