फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिशन स्वच्छता से जिला दूर

Thu, 17 Mar 2016 12:28 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। राज्यभर में सरकार की ओर से बुधवार से राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता जागरूकता सप्ताह प्रारंभ किया गया है। सरकार का दावा है कि इसके तहत हर गांव और हर घर में स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है और खुले में शौच से मुक्ति का लक्ष्य प्राप्त करना है। अभी तक जिले में इस लक्ष्य के सापेक्ष स्थिति बेहद निराशाजनक है। केवल 51 पंचायतें अभी तक खुले में शौचालय से मुक्त हो पाई हैं।
विज्ञापन


जबकि जिले में इस समय 312 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें स्वजल परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ पेयजल और शौचालय उपलब्ध कराने की कवायद जोरशोर से चल रही है। लेकिन अभी तक स्वच्छता अभियान के तहत 37 ग्राम पंचायतें इस लक्ष्य को प्राप्त कर पाई हैं। जबकि नमामि गंगे योजना के तहत गंगा के तट पर बसी 14 ग्राम पंचायतों में यह काम किया जा रहा है। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण देने की बात कही गई थी लेकिन हकीकत यह है कि अधिकतर कार्यकत्रियों को इसके बारे में कोई जानकारी तक नहीं है। एक साल से तो इस जांच के लिए पर्याप्त संसाधन भी नहीं मिल पा रहे हैं।

इनका कहना है
जिले में अभी 51 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए 72 ग्राम पंचायतों का लक्ष्य रखा गया है। जहां तक स्वच्छ पेयजल के लिए समय-समय पर परीक्षण कराने की बात है। इसके लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया गया है। लेकिन पर्याप्त संसाधन पिछले काफी समय से नहीं मिलने के कारण यह जांच विधिवत नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राकेश जखमोला, परियोजना प्रबंधक स्वजल, जिला हरिद्वार
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें