शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि राम मंदिर बनाने का उपयुक्त समय अब आ गया है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की हिंदुवादी सरकार आने के बाद भी यदि मंदिर न बना तो फिर कब बनेगा। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सरकारों को गंगा रक्षा के लिए सभी उपयुक्त कदम उठाने चाहिए। अवैध रूप से दोनों राज्यों में चल रहे सभी बूचड़खाने तत्काल प्रभाव से बंद किए जाएं।
जगद्गुरु आश्रम में अमर उजाला से वार्ता करते हुए शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा लंबे समय से टलता आ रहा है। अच्छा हो यदि मुस्लिम समाज स्वयं आगे आकर मंदिर का निर्माण अपने हाथों से कराए। केंद्र और प्रदेश की सरकारों को इस दिशा में सार्थक प्रयत्न करने चाहिए। राम मंदिर किसी को नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि उस स्थान पर बनाया जाना है, जहां भगवान राम का जन्म हुआ था। रामलला को लेकर अब राजनीति पूरी तरह बंद हो जानी चाहिए। समय की मांग है कि जो सरकार राम मंदिर का प्रश्न लगातार उठाती रही है, सत्ता में आने पर वह अब मंदिर का निर्माण शीघ्र कराए। इसे टालने की नीति को हिंदू समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि गंगा के साथ अनेक दशकों से खिलवाड़ होता आया है। उच्च न्यायालय ने दोनों राज्यों की सरकारों को कड़ी फटकार लगाकर गंगा को जीवंत नदी का दर्जा दिया है। दोनों राज्यों में हिंदुवादी सरकारें हैं। गंगा रक्षा के लिए काम करने का उपयुक्त समय है। केंद्र सरकार पहले ही इस दिशा में प्रयत्नरत है। उन्होंने कहा कि बूचड़खानों में निरीह पशुओं की हत्या की जा रही है। अब ऐसा नहीं होने दिया जा सकता। दोनों राज्यों में चल रहे अवैध बूचड़खानों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए। बूचड़खानों में गोहत्या रोकने के लिए भी सरकारें काम करें।