शिक्षा विभाग की ओर से मिड-डे मील का पैसा एक साथ और समय से पहुंचाने के लिए कवायद के लिए अब एक बैंक में खाते खोले जाएंगे। इसके लिए समस्त प्रधानाध्यापकों को आदेशित कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग की ओर से जनपद के करीब 950 सरकारी, अशासकीय समेत मान्यता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को मिड-डे मील के रूप में दोपहर का भोजन कराया जाता है। लेकिन मिड-डे मील के लिए स्कूलों को अलग-अलग से खाता खुलवाया गया है। खातों में आने वाली मिड-डे मील की कुकिंग कास्ट का पैसा सरकार की ओर से भेजा जाता है। स्कूलों की ओर से मिड-डे मील के खाते अलग-अलग बैंकों में खुलवाए गए हैं। इसके कारण किसी के पैसे तो पहले आ जाते हैं, लेकिन किसी के आने में देर हो जाती है। इसकी वजह से कई बार मिड-डे मील बनाने में भी परेशानी आती है।
इसको देखते हुए अब शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों के खातों के लिए केनरा बैंक को चुना गया है। जिसके लिए समस्त प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्यों को आदेश दिए गए हैं कि वह अन्य बैंकों में खोले गए मिड-डे मील के खाते बंद करके केनरा बैंक की शाखाओं में खाते खोलें।
मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विद्याशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि अलग-अलग बैंकों के खाते होने से पैसा जारी करने में समय लगता है। समस्त स्कूलों के खाते एक ही बैंक की शाखाओं में होंगे तो एक साथ सभी स्कूलों के खातों में पैसा आसानी से और जल्द पहुंच जाएगा।