भारतीय जनता पार्टी के ज्वालापुर क्षेत्र के विधायक सुरेश राठौर ने कुंभ कार्यों को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार को कुंभ मेले के लिए कोई बजट जारी नहीं करना चाहिए। कोरोना का इतना प्रभाव हो गया कि अब कुंभ मेला होने वाला नहीं है। सुरेश राठौर ने शुक्रवार को भी प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कुंभ मेला प्रशासन पर केवल एक कैबिनेट मंत्री के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी विधानसभा से संबंधित कई काम करने के लिए कुंभ मेले से संबंधित बैठकों में प्रस्ताव रखे थे, लेकिन आज तक एस्टीमेट नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि केवल कुछ जनप्रतिनिधियों की सुनवाई हो रही है। बाकी जनप्रतिनिधियों को समुचित सम्मान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखेंगे। अब कुंभ मेले के लिए कोई बजट जारी न करने की मांग करेंगे। विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि अब तक जो बजट जारी हुआ उसी को स्थाई कार्यों, अखाड़ों और आश्रमों में व्यवस्था करने के लिए खर्च करना चाहिए। अब यदि बजट जारी होता है तो वह जनता के पैसे की बर्बादी होगी। वही उन्होंने कुंभ के कार्यों की जांच के लिए जनप्रतिनिधियों की समिति बनाए जाने की भी मांग की।
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बयानबाजी से गरमाई भाजपा की राजनीति
हरिद्वार। शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक त्रिपाठी ने सीएम और शहरी विकास मंत्री पर निशाना साधने और उसके बाद विधायक सुरेश राठौर के अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के बाद भाजपा की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश हाईकमान ने दोनों नेताओं के बयानों पर संज्ञान लेते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह से पूरी रिपोर्ट तलब की है। संकेत दिया है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व दर्जाधारी अशोक त्रिपाठी ने हरीश रावत सरकार के समय हरकी पैड़ी पर बह रही गंगा को स्कैप चैनल घोषित करने के आदेश को समाप्त नहीं करने पर प्रदेश सरकार की आलोचना की थी। भाजपा के कई नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश हाईकमान से शिकायत की। वहीं विधायक सुरेश राठौर का बयान भी दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान का कहना है कि भाजपा संगठन के संविधान के तहत इस बारे में संज्ञान लिया जा सकता है। दूसरी तरफ महामंत्री संगठन अजय कुमार ने कहा कि कुछ लोगों के माध्यम से यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।