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सजा नहीं इनाम मिला था दागी दारोगा को

Fri, 28 Oct 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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पिरान कलियर क्षेत्र के परवेज हत्याकांड में साठ हजार की रिश्वत लेने के आरोप में नपे एसआई रमेश तनवार को पिरान कलियर से जब हटाया तो कोई सजा नहीं मिली थी बल्कि तोहफे के तौर पर कनखल जैसा बड़ा थाना दे दिया गया था। एसओ की कुर्सी हिलने के बाद अब परवेज हत्याकांड में छह लाख की रकम भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ये बात भी चर्चा का विषय बनी हुई है कि रिश्वत के इस खेल में कई बड़े अफसर भी शामिल हैं। दबी जुबां में पुलिसवाले ही खुद अपने उच्चाधिकारियों की पोल खोल रहे है।

 आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल ने एक तरह से हरिद्वार पुलिस को आइना दिखाया है। एसएसपी राजीव स्वरुप के संज्ञान में जब ये आ गया था कि एसओ रमेश तनवार ने साठ हजार की रिश्वत ली है और फिर वापस भी कर दी। एसओ को दंडित करने की बजाय उल्टा बड़े कनखल थाने की कमान सौंप दी गई। एसएसपी का ये फैसला हैरान करने वाला ही है।
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एक दागदार दारोगा को बड़े ओहदे से भला क्यों नवाजा गया। अब जब एसओ की गर्दन नप ही गई तब ये नई बात खुलकर सामने आ रही है कि, इस लेनदेन के पूरे खेल के पीछे कई आला अफसर भी शामिल हैं। चर्चा छह लाख की रकम को लेकर हो रही है। ये जानकारी खुद पुलिसवाले ही देते घूम रहे हैं लेकिन छोटा ओहदा होने के चलते कोई जुबान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। मामला डीजीपी के संज्ञान में भी लाया गया तो उन्होंने एसएसपी से जवाब तलब किया है। डीजीपी ने बताया कि  इस मामले में एसएसपी से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिर रिश्वत लेने की बात सामने आने पर भी क्यों एक दारोगा को दूसरे थाने में एसओ बना दिया गया।
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