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कहीं बैंकों में नो कैश तो कहीं लंबी लाइनें

Wed, 16 Nov 2016 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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Sevpura Sthrit SBP closed the line of people started to extract money out of the ATM. - फोटो : amarujala
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 तीन दिन से हरिद्वार में नोटों का टोटा बना है। बुधवार को अधिकतर बैंकों में खुलने के कुछ देर बाद ही नो कैश की तख्तियां लटका दी गई। एटीएम का तो हाल इससे भी बदतर था। बैंकों में दावे के विपरीत लोगों को 12 हजार के बजाय एक या दो हजार देकर चलता कर दिया जा रहा है।

सबसे बड़ी समस्या एसबीआई की शाखाओं में रुपये नहीं होने से हो रही है। पीएनबी, कैनरा, बैंक आफ इंडिया के साथ अन्य बैंकों में लाइन तो शाम तक लगी रही, लेकिन भुगतान के लाले पड़ गए। प्रमुख बैंकों के कुछ ही एटीएम में दोपहर बाद कैश डाली गई, लेकिन शाम होने तक  भी समाप्त हो गई। अब अगले दिवसों में भी रुपये न आने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। हरिद्वार में सोमवार को बैंकों में अवकाश के बाद मंगलवार को ही स्थिति सुुधरने की उम्मीद थी, लेकिन हालात बुधवार को भी जस के तस  रहे। कैश नहीं आने के कारण हालात यह हो गए कि बैंक के अधिकारियों को ग्राहकों को जवाब देना मुश्किल हो गया।
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तड़के से लाइन में लगकर 12 हजार रुपये लेने के फार्म भरने वाले लोगों को मात्र एक या दो हजार रुपये देकर ही चलता कर दिया। कनखल के देशरक्षक तिराहे के पास एसबीआई में दोपहर 12 बजे तक रुपये समाप्त हो गए। कनखल में ही सिंहद्वार के पास स्थित  पीएनबी समेत कई अन्य बैंकों में भी छोटे नोट समाप्त हो गए, लाइनों में केवल जमा करने वाले ही लोग लगे दिखाई दे रहे थे। एटीएम में भी यही हाल रहा। जमना टाकिज के पास का एसबीआई एटीएम दोपहर को चला, लेकिन शाम होने से पहले ही कैश समाप्त हो गया। पीएनबी के अधिकांश एटीएम चालू ही नहीं हो सके। बंद पड़े एटीएम में सर्वर खराब या कैश समाप्त होने की सूचना वाली पट्टियां लगी हुई थी।  

रजिस्ट्रेशन फीस में बड़े पुराने नोट मान्य
 तहसील में रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने में 500 और एक हजार रुपये लेेने की छूट है, लेकिन स्टांप विक्रेताओं को स्टांप शुल्क लेने के लिए कोई छूट नहीं है। ऐसे में रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। सहायक रजिस्ट्रार सुमेर चंद गौतम ने बताया कि रजिस्ट्री में 70 प्रतिशत की कमी हो गई है।

वाहन पंजीकरण एवं शुल्क में भी पुराने नोट
एआरटीओ में वाहन पंजीकरण कराने के साथ शुल्क जमा कराने में 24 नवंबर तक की छूट दी गई है। लेकिन जमा करने वाले के लिए बड़ी राहत ये है कि पांच सौ और एक हजार के पुराने नोटों को लिया जा रहा है। एआरटीओ मनीष तिवारी ने बताया कि पुराने नोट स्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि जिन वाहनों का पंजीकरण नहीं हो रहा है वो प्रक्रिया शुरू करने के दौरान शुल्क जमा कर सकते है।
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अभी दो तीन दिन यही स्थिति रहेगी। सोमवार से बैंकों में स्थिति में सुधार आएगा। जितना भी रुपया मिलता है उसे शांतिपूर्वक ग्राहकों को दे दिया जाता है। एटीएम को भी नए नोटों के साइज के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।
- केएस पॉल, लीड बैंक मैनेजर, हरिद्वार।
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