जेल से रिहाई के बाद निठारी कांड का सह आरोपी सुरेंद्र कोली एक जगह टिककर नहीं रहा। कभी देहरादून तो कभी हरिद्वार में रहकर उसने छोटे-मोटे काम से गुजर-बसर करने की कोशिश की। हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में वह खाने की ठेली लगाता था। इसके बाद करीब तीन दिन पहले ही वह भूपतवाला पहुंचा और भारत माता मंदिर से पहले चाय का खोखा किराये पर लिया।
यहीं से वह अपनी रोजी-रोटी चलाने लगा था। इससे पहले वह देहरादून भी गया था, लेकिन कुछ समय बाद वापस हरिद्वार लौट आया। शुक्रवार सुबह इसी चाय के खोखे के अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर सप्तऋषि चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
रिहाई के बाद कभी दून तो कभी हरिद्वार रहा
53 वर्ष का सुरेंद्र कोली वर्ष 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड का सह आरोपी रहा था। सुरेंद्र कोली शुक्रवार सुबह भूपतवाला क्षेत्र में चाय के खोखे के अंदर फंदे से लटका मिला। सुरेंद्र कोली मूलरूप से अल्मोड़ा जिले की भिकियासैंण तहसील के मंगरुखाल गांव का रहने वाला था। निठारीकांड मामले में अदालत से बरी होने के बाद वह नवंबर 2025 में जेल से बाहर आया था।
रिहाई के बाद वह हरिद्वार आया और कुछ समय देहरादून में भी रहा। इसके बाद वह हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र में चाय का ठेला लगाने लगा। करीब तीन दिन पहले उसने भूपतवाला में भारत माता मंदिर से पहले एक खोखा किराये पर लिया था।
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शुक्रवार सुबह आसपास के लोगों को खोखे के अंदर कोई व्यक्ति संदिग्ध हालत में दिखाई दिया। सूचना पर सप्तऋषि चौकी प्रभारी खेमेंद्र गंगवार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक का सत्यापन कराया तो उसके निठारी कांड से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।