हरिद्वार। उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का तीसरा द्विवार्षिक सम्मेलन रविवार को उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर स्थित चरक प्रेक्षागृह में हुआ। राज्य के 11 राजकीय विश्वविद्यालयों, गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय, हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त संगठन उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के इस सम्मेलन में संस्थागत स्वायत्तता और नई शिक्षा नीति पर चर्चा की गई।
चुनाव अधिकारी प्रमोद कुमार ने निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई। कुमाऊं विवि के डॉ. लक्ष्मण सिंह रौतेला अध्यक्ष, मुक्त विवि हल्द्वानी के भारत सिंह नैनवाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुने गए। उपाध्यक्ष धन सिंह नेगी, देवेंद्र धामी, विपिन चंद्र एवं जगमोहन सिंह मेहरा, प्रकाश तिवारी और चंदन सिंह रावत निर्वाचित हुए। महामंत्री दून विवि के प्रशांत मेहता, संयुक्त मंत्री नवल किशोर बिनवाल, रजनीश भारद्वाज एवं ओमप्रकाश गुप्ता चुने गए। मंत्री जोत सिंह भंडारी व अंशुमान पंत, प्रांतीय प्रवक्ता समीर पांडे, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह पोखरिया, सह-कोषाध्यक्ष महेंद्र रावत एवं अनिल नेगी निर्वाचित हुए। आमसभा ने वरिष्ठ कर्मचारी नेता भूपाल सिंह करायत व राजेंद्र सिंह भंडारी को मुख्य संरक्षक, कुलदीप सिंह को संरक्षक नियुक्त किया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्मिकों को नई तकनीकों से प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि गुरुकुल परिसर के निदेशक प्रो. गिरिराज गर्ग ने विश्वविद्यालयों के सुचारू संचालन में स्वायत्तता की भूमिका पर बल दिया। इस दौरान देवेंद्र धामी, धन सिंह नेगी, भारत सिंह नैनवाल, कुलदीप सिंह, नांदबल्लभ पालीवाल, ओमप्रकाश गुप्ता, चंदन सिंह रावत, रजनीश भारद्वाज, खेमानंद भट्ट आदि मौजूद रहे।
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