अपराध जगत का बड़ा नाम रहे नाजिम सलमानी की हिस्ट्रीशीट बंद कराने के लिए संसदीय सचिव (कैबिनेट मंत्री स्तर) फुरकान अहमद आगे आए हैं। सीएम को लिखे पत्र में उन्होंने नाजिम को समाजसेवी बताते हुए हिस्ट्रीशीट बंद करने कि वकालत की है।
नब्बे के दशक में नाजिम सलमानी का खासी दहशत रही है। यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे दिवंगत ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड से नाजिम का नाम जुड़ा था। ज्वालापुर के बहुचर्चित सभासद अशोक शर्मा, नरेंद्र शर्मा, अमन शर्मा हत्याकांड में संलिप्तता सामने आई थी। जयपुरिया कॉटन सेंटर के स्वामी की हत्या के आरोप के छींटे भी नाजिम के दामन पर पड़े थे। नाजिम के खिलाफ कई हत्याकांड, चौथ वसूली, गैंगस्टर एवं गुडा एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से नाजिम का नाम किसी अपराध से नहीं जुड़ा है। अब संसदीय सचिव फुरकान अहमद ने अपने पत्र में लिखा है कि रंजिशन मुकदमे के चलते वर्ष 1996 में नाजिम की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई थी। पिछले पांच छह बरस से नाजिम पर कोई मुकदमा नहीं हैं। वे सब मुकदमे से बरी हो चुका है। वह सलमानी बिरादरी के प्रदेश अध्यक्ष होने के चलते समाज सेवा से जुड़े हैं। हिस्ट्रीशीट को दाग बताते हुए लिखा है कि, यह दाग नाजिम को तंग कर रहा है। पुलिस एक्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि कोई दो वर्ष से अपराध में लिप्त नहीं है तो उसकी हिस्ट्रशीट बंद कर दी जाती है। सीएम कार्यालय से इस बारे में ज्वालापुर पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है।
नाजिम के खाते में 28 मुकदमे
नाजिम के खाते में 28 अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन सभी मुकदमों की फेहरिस्त ज्वालापुर पुलिस के पास दर्ज है। ये सभी मुकदमे संगीन अपराधों के हैं। पत्र मिलने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में ज्वालापुर पुलिस से जानकारी ली जाएगी।
मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी