हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ में गुरु पूर्णिमा पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों कार्यकर्ताओं ने स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण जी से आशीर्वाद लिया तथा पतंजलि योगपीठ द्वारा योग, आयुर्वेद अनुसंधान, गौ अनुसंधान एवं गौसंवर्द्धन, स्वास्थ्य, स्वदेशी व शिक्षा आदि क्षेत्र में चलाए जाने वाले सेवा अभियानों में भागीदारी का संकल्प लिया। इस अवसर पर सूफी संत आल इंडिया मिलाद शरीफ प्रमुख मोइद्दीन साबरी ने भी अपने साधकों सहित स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण से मुलाकात की।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा हम सबके लिए राष्ट्र ही गुरु है और राष्ट्र कार्य ही गुरु कर्म। उन्होंने कहा कि पतंजलि के राष्ट्र कार्य के पीछे करोड़ों साधकों की भावनात्मक ताकत है। पतंजलि योगपीठ का विश्वस्तरीय गुणवत्ता, कम कीमत, सौ प्रतिशत शुद्धता और शत-प्रतिशत चैरिटी के संकल्प के साथ चल रहा यह अभियान विदेशी कंपनियों से राष्ट्र के लाखों-करोड़ों रुपये बचाने के लिए है। इस राष्ट्र कार्य को पूर्ण निष्काम भाव से संपन्न करने में पूर्ण समर्पण ही हमारी गुरु दक्षिणा है।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जब किसी व्यक्तित्व के संकल्प से राष्ट्र में क्रांति की लहर पैदा होने लगे, देश के नागरिक निष्काम सेवा के व्रती बनने लगें तो समझना चाहिए वह व्यक्तित्व गुरु गरिमा को पा चुका है।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि योगपीठ का विराट अभियान कुछ इसी तरह का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के संकल्पों में देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोग सच्चे गुरु तत्व के दर्शन करते हैं। गुरु का हर क्षण राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहता है। वह प्रतिपल राष्ट्र के गौरव के लिए जीता है। इस अवसर पर आचार्यकुलम, वैदिक गुरुकुलम एवं पतंजलि वैदिक कन्या गुरुकुलम के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।