Juna Arena Arena Council President Narendra Giri meeting with other officials in discussion.
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अखाड़ा परिषद श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि देश की सीमाओं पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए नागा संन्यासी पूरी तरह तैयार हैं। सेना जिस दिन चाहेगी लाखों नागाओं को सीमा पर पाएगी। देश पड़ोसी दुश्मन की धमकियों को बर्दास्त नहीं करेगा।
शनिवार दोपहर परिषद अध्यक्ष ने जूना अखाड़े में परिषद महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि से विचार विमर्श कर पत्रकारों से वार्ता की। बताया कि परिषद बैठक में भाग लेने के लिए सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि रविवार तक हरिद्वार पहुंच जाएंगे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि बैठक में देश हित के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। नागा संन्यासियों ने मुगल आक्रांताओं के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष किया था। धर्म की पताका लहराने के लिए आज फिर सर्वस्व बलिदान करने की आवश्यकता है। नागा संन्यासी फौज के साथ सीमा पर लड़ने को तैयार है।
महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि दलितों के उत्थान के लिए अखाड़ा परिषद अपनी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। साधु की यद्यपि कोई जाति नहीं होती, लेकिन कुछ वर्गों पर संकट आ खड़ा हुआ है। देश की जिन महान विभूतियों ने दिशा दी थी उनकी परंपरा कायम रखी जाएगी। साधु संतों में सभी संपन्न नहीं है। 80 प्रतिशत साधु गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसेे साधुओं के लिए अखाड़ा परिषद सवाल उठाएगी। प्रयाग अर्द्धकुंभ के लिए स्थायी निर्माण होना चाहिए। इसके लिए संतों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने जाएगा। मेला क्षेत्रों के रखरखाव की जिम्मेदारी संतों को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संपत्तियों पर टैक्स बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।