फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरी जान चली जाए, लोकतंत्र बचना चाहिए

Tue, 26 Apr 2016 12:22 AM IST
hridwar uttrakhanda india
विज्ञापन
पदयात्रा में उमड़ा सैलाब - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हरिद्वार। निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश को दलबदल विरोधी गतिविधियों की आग में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी जान भले ही चली जाए लेकिन राज्य में लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखंड में लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
विज्ञापन

 सोमवार शाम कनखल स्थित ऐतिहासिक श्री दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद हरकी पैड़ी तक निकाली गई दलबदल विरोधी पदयात्रा के शुरू होने से पहले हरीश रावत ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की भूखी भाजपा लोकतांत्रिक सरकार को बर्खास्त कर अब खरीद फरोख्त और तानाशाही के बल पर अपनी सरकार बनाना चाहती है।  जनता भाजपा को राज्य में दलबदल जैसी गतिविधियां थोपने के लिए कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम के सामने तो वे असहाय हैं लेकिन भगवान शंकर से इंसाफ मांगने आए हैं। राज्य में लोकतंत्र की बहाली के लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट द्वारा पीडीएफ के विधायकों को साथ नहीं देने पर उनके खिलाफ जांच बैठाने की धमकी देने पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा की हिटलरशाही का प्रमाण है। भाजपा अब किसी भी हद तक गिर सकती है वह किसी को शारीरिक क्षति भी पहुंचा सकती है। कांग्रेसियों द्वारा उनकी जान को खतरा बताए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी जान भले ही चली जाए लेकिन राज्य में लोकतंत्र बचना चाहिए। पदयात्रा में उनके साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष चौहान मनोहरलाल शर्मा, जिलाध्यक्ष तेलूराम, राजेंद्र चौधरी, संतोष कश्यप, एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष किरणपाल वाल्मीकि,  संजय पालीवाल, पुरुषोत्तम शर्मा, अंशुल श्रीकुंज, सतपाल ब्रह्मचारी, प्रदीप चौधरी, किरण सिंह समेत बड़ी संख्या में नेता और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें