कार्यक्रम तो बाबा रामदेव के द्वारा हरिद्वार में स्थापित किए गुरुकुल के शुभारंभ का है, पर इस कार्यक्रम में जिन लोगों को बुलाया गया है, उससे अलग ही आसार नजर आते हैं।
कुछ खास लोगों को बुलाने से इस बात के कयास लगना शुरू हो गए हैं कि कहीं गुरुकुल के बहाने नरेन्द्र मोदी को गुरुमंत्र देने की तो तैयारी नहीं है।
रामदेव के गुरुकुल का उद्घाटन शुक्रवार को होना है, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी भी आमंत्रित हैं। प्रदेश से पूर्वाचंल में भगवा एजेंडे पर काम करने सांसद योगी आदित्यनाथ भी बुलाए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध संत मोरारी बापू, पेजावर स्वामी, डॉ. प्रणव पाण्डया, भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ, कर्नाटक के वीरेन्द्र हेगड़े सहित अन्य कई लोग शामिल होंगे।
हरिद्वार प्रवास के दौरान मोदी के अन्य कई साधु-संतों से भी मुलाकात संभावित है।
इस कार्यक्रम में नरेन्द्र मोदी का आगमन भले ही निजी हो लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ से इन्कार नहीं किया जा सकता।
कुंभ में संत सम्मेलन के दौरान भी मोदी की मांग उठी थी। अब उनकी हरिद्वार में संतों के बीच आगमन को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उनके आगे की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
माना जा रहा है कि मोदी हरिद्वार में साधु-संतों के मूड को समझने की भी कोशिश करेंगे और इसकी थाह लेंगे कि चुनाव के दौरान उनके भगवा तेवरों को उत्तर भारत की भगवा मंडली का कितना सहयोग व समर्थन मिल सकता है।
इस लिहाज से योगी व मोदी की मुलाकात व होने वाली बातचीत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि यह कार्यक्रम सिर्फ बाबा रामदेव जी के गुरुकुल के उद्घाटन भर का है। शेष कोई उद्देश्य नहीं है।
वह कहते हैं कि मोदी कब आएंगे और उनका क्या कार्यक्रम है, यह तो आयोजक ही बता सकते हैं। मुझे जरूर बुलाया गया है।
कांग्रेस दिखाएगी काले झंडे
बाबा रामदेव के कार्यक्रम में 26 अप्रैल को हरिद्वार पहुंच रहे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस काले झंडे दिखाएगी। कांग्रेस ने बुधवार को ‘दुष्ट मोदी वापस जाओ’ का नारा भी दिया।
पार्टी प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि कांग्रेस का साफ मानना है कि मोदी धर्मानिरपेक्षता को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। इसलिए हरिद्वार पहुंचने पर उनका विरोध किया जाएगा।