इस महीने मानसून सक्रिय हो जाएगा। मानसून से निपटने के लिए प्रशासन ने नगर निकायों को सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बाद भी नगर निगम की बदइंतजामी से सफाई व्यवस्था चौपट है। बरसाती नाले और नालियां गंदगी से अटी हैं। गली मोहल्लों के नुक्कड़ से लेकर सड़कों पर जहां तहां कूड़े के ढेर लगे हैं। लावारिस जानवर कूड़ा फैलाकर आवाजाही करने वालों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। बारिश होने पर डेंगू और दूसरी संक्रामक बीमारियां फैलने से मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मानसून के मद्देनजर नगर निकायों के अलावा विभागों से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए सभी विभाग हर सप्ताह पानी की टंकियां, नालियों, कार्यालय परिसर की सफाई करेंगे। लार्वा नष्ट करने के लिए आवश्यक दवाओं का छिड़काव भी करेंगे। हर महीने 15 और 30 तारीख को डेंगू से बचाव कार्य का प्रमाणपत्र भी देंगे।
प्रशासन की इस कवायद के बीच नगर निगम की तैयारियां बदइंतजामी की भेंट चढ़ी हैं। आधे शहर के वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं है। कालोनी के लोग कूड़ा गली-मोहल्लों के नुक्कड़ और सड़क किनारे फेंक रहे हैं। डस्टबिन खाली नहीं होने से कूड़ा जमीन पर फैल रहा है। दुर्गंध से लोगों का वहां से आना जाना मुश्किल हो रहा है। शहर में 100 अधिक बरसाती नाले हैं। अधिकतर नाले गंदगी से चोक हैं। हालांकि, नगर निगम की ओर से नाला गैंग बनाकर सफाई करवाई जा रही है। सफाई की गति बेहद धीमी है। इस रफ्तार से नालों की सफाई में मानसून गुजर जाएगा और शहर को जलभराव झेलना होगा।
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मानसून की दृष्टि से नगर निकायों और कार्यालयों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम हरिद्वार को नालों की सफाई के लिए चार लाख रुपये भी स्वीकृत किए हैं।
- सी रविशंकर, जिलाधिकारीक
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मानसून की दृष्टि से नालों की सफाई के लिए शहर को चार सर्किल में बांटा है। तीन जेेसीबी और 100 कर्मचारियों की मदद से नालों की सफाई हो रही है। कुल 60 वार्डों में से 29 वार्डों के डोर टू डोर सफाई का वर्क आर्डर नहीं हो सका है। इससे सफाई बाधित हो रही है। वार्डों की सफाई के लिए शहर को अपर जोन और लोअर जोन में बांटा है। अपर जोन के वार्डों के लिए 927 रुपये प्रति एमटी कूड़ा उठान और लोअर जोन के वार्डों से 1132 प्रति एमटी कूड़ा उठान का टेंडर हुआ था। नगर निगम ने अपर जोन की एजेंसी को वर्क आर्डर जारी कर दिया, लेकिन लोअर जोन का रेट अधिक होने का हवाला देकर वर्क आर्डर रोक दिया। लोअर जोन वाली एजेंसी भी 927 रुपये प्रति एमटी कूड़ा उठाने को राजी है, लेकिन उसे निगम प्रशासन की ओर से वर्क आर्डर नहीं दिया जा रहा है।
- अनीता शर्मा, मेयर