हरिद्वार। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गंगा नदी में खनन के लिए अनुमति दिए जाने पर मातृसदन ने सवाल खड़े किए हैं। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि जब बोल्डर ऊपर से आता ही नहीं तो किस आधार पर खनन की अनुमति दी गई।
मातृसदन में बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने 30 मार्च को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पत्राचार कर पूछा था कि बोल्डर पहाड़ों से बहकर आता है या नहीं। इसका जवाब दें, लेकिन पर्यावरण मंत्रालय ने कोई जवाब नहीं दिया। जब दोबारा रिमाइंडर भेजा गया तो उन्होंने इसकी जांच के लिए कमेटी बैठा दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गंगा के नाम पर खिलवाड़ न करें। उन्होंने मौजूदा और पूर्व जिलाधिकारी पर भी कई अवैध खन को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद से भले ही अवैध खनन में कमी आई हो, लेकिन अधिकारी जोड़तोड़ कर किसी न किसी रूप में खनन करवा रहे हैं। कहा कि श्यामपुर में कुछ दिनों पूर्व जो बच्चे डूबे थे वह खनन के 15-15 फुट गहरे गड्ढों में डूबे थे। उन्होंने विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और संजय गुप्ता पर अवैध खनन करने वालों से जुड़े होने का आरोप लगाया। साथ ही जिले की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कनखल थानाध्यक्ष रितेश शाह पर यात्रियों की सामान चोरी की शिकायत पत्र को तोड़ मरोड़कर लिखवाने का आरोप लगाया। जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।