मेष संक्रांति के पावन पर्व पर शुक्रवार को देश के विभिन्न राज्यों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। इस दौरान शहर से लेकर देहात तक विभिन्न अध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्नान के दौरान सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए गए थे।
शुक्रवार तड़के से ही मां गंगा का स्नान प्रारंभ हो गया था। श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी ओर आस पास के गंगा घाटों पर पहुंचकर डुबकी लगाई और सूर्य नारायण को अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। मां गंगा से लोक कल्याण की भी कामना की गई। मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की गई। सुभाष घाट, गऊघाट, राम घाट, मालवीय द्वीप, गणेश घाट, सर्वानंद घाट, लोकनाथ ब्रह्मचारी घाट आदि पर सत्यनारायण की कथा के भी आयोजन दिन भर होते रहे। मुख्य रूप से उत्तराखंड के अलावा दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश के श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचे। मेष संक्रांति स्नान पर्व पर पंचपुरी के मंदिरों में भी पूजा अर्चना की गई। जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने भी हरकी पैड़ी पहुंचकर मेला की व्यवस्था का जायजा लिया।
मां गंगा में स्नान करने से होती है मोक्ष की प्राप्ति: महंत नरेन्द्र गिरि
हरिद्वार के कई अखाड़ों आश्रमों में बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्री पंचायती अखाड़ा में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि पूरे देश में बैसाखी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। कहा कि आज के दिन गंगा स्नान का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। सूर्य को अर्ध्य और दान करके परिवार में सुख सृमद्धि की कामना की जाती है। बैसाखी पर्व पर जो श्रद्धालु भक्त गंगा मैया में डुबकी लगाते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और उनका जीवन भव सागर से पार हो जाता है। इस अवसर पर स्वामी आशुतोष पुरी, महंत रविंद्र पुरी, महंत रामानंद पुरी, स्वामी आनंदवन, स्वामी रामरतन पुरी, महंत आलोक गिरि, महंत नीरज गिरि, गौरव शर्मा, आरके शर्मा, अतुल शर्मा आदि उपस्थित रहे। वहीं दूसरी ओर श्री पंचायती उदासीन अखाड़ा और श्री पंचायती निर्मल अखाड़े में भी बैसाखी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह शास्त्री, महंत बलवंत सिंह, महंत गोपाल सिंह महाराज ने विचार रखे।