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कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

Mon, 14 Nov 2016 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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STEP Hrki in Haridwar on Sunday on the occasion of Kartik Purnima bathing devotees take dip in the Ganges. - फोटो : amarujala
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कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी समेत विभिन्न घाटों पर पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। नियत घाटों पर जाकर संकल्प पूजा और उद्यापन संपन्न कराए। श्रद्धालुओं ने जल में खड़े होकर उगते सूर्य को जल प्रदान किया।

कार्तिक स्नान सोमवार को तड़के चार बजे से हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर प्रारंभ हो गया था। आरंभ मेें घाटों पर अधिक भीड़ नहीं थी, लेकिन दिन निकलने के साथ दिल्ली और समीपवर्ती राज्यों से काफी श्रद्धालु पहुंचे। हरकी पैड़ी पर उगते सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सूर्योदय के बाद करीब एक घंटे तक वैदिक मंत्रों के साथ सूर्यनारायण को जल देकर पुष्प अर्पित किए गए। कुशावर्त घाट और सुभाष घाट पर यज्ञ, मुुंडन, यज्ञोपवीत आदि संस्कार संपन्न हुए। पूर्णिमा को श्राद्धों का दिन नहीं होता तब भी श्रद्धालुओं ने पितरों का तर्पण किया।
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स्नान के बाद तीर्थयात्री घाटों पर विभिन्न प्रकार के पदार्थों का उद्यापन करते नजर आए। पंडितों को कपड़े, बर्तन और फल आदि के साथ दक्षिणा भी दी। धन संकट के बावजूद गंगा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए भारी संख्या में श्रद्घालु हरिद्वार पहुंचे। स्नानार्थियों में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के यात्रियों की संख्या अधिक थी। दिन ढलने के साथ साथ यात्रियों की वापसी भी होती रही। श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों की गद्दियों पर जाकर अपनी परंपरागत बहियों में नाम भी दर्ज कराए।

सायंकाल गंगा तटों पर मनाई गई देव दीपावली
हरिद्वार। पूर्णिमा की शाम तीर्थयात्रियों ने हरकी पैड़ी जाकर आरती में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर विष्णु निमित्त दीप दान किया। इस दिन देव दीपावली मनाई जाती है। अलग अलग स्थानों पर तीर्थयात्री देवताओं के निमित्त दीप जला रहे थे। रोड़ी बेलवाला के घाटों पर विशेष भीड़ रही। कनखल के घाटों पर भी नगरवासियों ने दीप प्रज्ज्वलित किए। घरों में विष्णु के निमित्त एक दीपक जलाया गया।

धर्मस्थलों पर आयोजनों का समापन
कुछ धर्मस्थलों पर धार्मिक प्रवचन और कथाएं चल रही थी। वहां आज समापन कार्यक्रम हुआ। समापन के समय विष्णु की आरती उतारी गई। दिन में भी विष्णु मंदिरों में दीप जलाए गए। इस बार बहुत कम धर्मस्थलों पर कार्तिक के भंडारे हुए।

संपन्न हुए वर्ष के स्नान
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के साथ स्नान पर्वों का वार्षिक कैलेंडर संपन्न हो गया। अब नए वर्ष में ही स्नान पर्व आएंगे। हरिद्वार नगरी में गंगा तट पर वर्ष भर अनेक लक्खी मेले भरते हैं। इन मेलों में देश के विभिन्न भागों से श्रद्धालुओं का आगमन होता है। हरिद्वार में पर्यटक भले ही सीजन में आएं, तीर्थयात्रियों का आगमन वर्ष भर चलता है। कर्मकांड करने के लिए यात्रियों का आगमन कभी रुकता नहीं। स्नान पर्व आज से समाप्त हुए। स्नान पर्वाें का शुभारंभ अब नए वर्ष में 14 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान से होगा।
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 शुरू हो जाएगा ऑफ सीजन
बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को बंद हो जाएंगे। इस दिन हरिद्वार में रहे सहे यात्रियों की वापसी होने लगेगी। इस दिन से करीब चार महीने चलने वाला ऑफ सीजन शुरू हो जाएगा। नया सीजन फिर नव संवत्सर से प्रारंभ होगा। इस बीच मकर संक्रांति का दो दिवसीय स्नान और शारदीय कांवड़ यात्रा चलेंगी।
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